रामनगर गांव स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की हालत दयनीय है। विद्यालय में 15 छात्रों को पढ़ाने के लिए छह अध्यापिकाएं तैनात हैं। विद्यालय की बदहाली के चलते यहां छात्रों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है।
विद्यालय की स्थापना 2010 में हुई थी। आठ साल बीत जाने के बाद भी विद्यालय की हालत दयनीय है। कभी सात तो कभी पांच परीक्षार्थी ही फाइनल परीक्षा में बैठ रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत मिडिल स्कूल के पास ही उच्चीकृत करके यह विद्यालय स्थापित किया गया था। 65 लाख की लागत से भवन बना है। मगर विद्यालय तक कोई संपर्क मार्ग नहीं है। कमरों की खिड़कियां टूट चुकी हैं। प्रधानाचार्य शांति देवी बताया कि छह शिक्षिकाओं की नियुक्ति हुई है। इसमें से चंदा देवी को तरहठी और पूनम को बदलापुर खुर्द में अटैच किया गया है। उनका वेतन यहीं से मिलता है। वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा में पांच परीक्षार्थी बैठे थे जबकि कक्षा 9 में 15 छात्र थे जो अब दसवीं में आ गए हैं। नए सत्र में किसी ने नौ में प्रवेश नहीं लिया। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। लोगों ने अंशदान से सबमर्सिबल पंप की मरम्मत करवाई है। भवन से सटे साधन सहकारी समिति की गोदाम है। उस पर चढ़ कर लोग इस भवन पर आ जाते हैं और भवन के अंदर के आंगन में ईंट पत्थर फेंक दिया करते हैं।
बच्चों को स्कूल भेजने पर दिया जोर
अमर उजाला ब्यूरो
खुटहन। स्थानीय बीआरसी पर शुक्रवार को सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल चलो अभियान रैली निकाली गई। रैली को मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख रमेश सिंह एवं खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार यादव ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सभी बच्चे हाथ में स्लोग्न लिखी तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर से निकल कर कैराडीह से खुटहन चौराहा होते हुए बीआरसी पर पहुंचे। इसमें शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों को स्कूल भेजने पर जोर दिया गया।
पूर्व प्रमुख रमेश सिंह ने कहा कि छह से 14 वर्ष का कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। शिक्षा सबका अधिकार है। चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो। शिक्षा के प्रकाश से हर घर रोशन होता है। इसलिए समाज के लोगों की जिम्मेदारी है कि सभी को शिक्षा प्राप्त हो। लेकिन यह तभी संभव है जब लोग इसके प्रति आवश्यक कदम उठाएंगे। इस मौके पर प्रेम चंद्र तिवारी, जितेंद्र सिंह, नरेंद्र उपाध्याय, सुशील यादव, नीरज सिंह, रमाकांत यादव, संदीप, सुभाष उपाध्याय, प्रभाकर, वार्डेन गुंजन गुप्ता, गीता पाल, जय प्रकाश सिंह, राम बचन यादव, राम किशुन, अवधेश सिंह, सूबेदार सिंह आदि मौजूद रहे।