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रेवड़ी की तरह अपात्रों में बाटे गए पीएम आवास

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जौनपुर। प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ अपात्रों को दे दिया गया है। सत्यापन में इसका खुलासा हो रहा है। लाभ लेने वालों पर तो कार्रवाई की जा रही है लेकिन उनको चयन करने वालों पर विभाग सख्ती नहीं बरत रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 20088 आवास बनाए जाने थे, जिसमें 950 आवास नहीं बन पाए हैं। सत्यापन में 163 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें से 150 लोगों से आवास का पैसा वापस ले लिया गया है जबकि 13 लोगों से रिकवरी बाकी है।
प्रधान मंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चयन में खूब मनमानी हुई। जानकारों का कहना है कि 20-20 हजार रुपये लेकर अपात्रों का भी चयन कर लिया गया। इसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और बीडीओ तक शामिल थे। विधायकों और भाजपा जिलाध्यक्ष की जन चौपाल में लोगों ने वसूली की शिकायत की थी। ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और बीडीओ की मिलीभगत से किशोरियों तक के नाम से आवास आवंटित कर दिए गए। जिनके पास ट्रैक्टर और पक्का मकान है उन्हें भी आवास का लाभ दिया गया है। सुइथाकला में जांच में 14 लाभार्थी अपात्र पाए गए। अनीता को आवास दिया गया है जबकि उनके पास पहले से पक्का मकान है। केवला देवी के पति रामदीन को भी इंदिरा आवास मिला था और और दोबारा लाभ दे दिया गया। नुसुम देवी, शोभावती, कोयला देवी, संगीता देवी को भी पक्का मकान होते हुए आवास का लाभ दे दिया गया। उमरा देवी गांव में हैं ही नहीं, उनके नाम से भी आवास जारी हो गया। ऐसे और भी तमाम नाम हैं।
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बदलापुर विकास खंड के सिंहावल गांव निवासी बालगोविंद पुत्र सतई को आवास का लाभ दिया गया है। सत्यापन में पता चला कि उनके पास पहले से दो पक्का मकान है। खंड विकास अधिकारी ने लाभार्थी के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश एडीओ पंचायत को दिया है जबकि अपात्र का चयन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बक्शा विकास खंड के करतिया गांव में पांच अपात्रों को आवास दिया गया था, जिसमें दो अपात्र लाभार्थियों से धन की रिकवरी हो चुकी है।
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शिकायत पर कुछ ग्राम पंचायतों की जांच की गई है। जिसमें 14 लोग अपात्र पाए गए हैं। इनमें कुछ दूसरे के नाम पर तो कुछ फर्जी आईडी बनवाकर आवास ले लिए हैं। सत्यापन रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी गई है।-दयाराम, जिला विकास अधिकारी
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