जौनपुर। बिजली के निजीकरण के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का हुसेनाबाद स्थित हाइडिल विभाग के परिसर में चल रहा धरना शनिवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कहा कि किसी भी सूरत में बिजली को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे। सरकार को फैसला वापस लेना ही होगा। उन्होंने 27 मार्च को कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा विभाग एवं पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने बिजली सुधार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को को गुमराह किया किया है। प्रदेश सरकार एक साल पूरे होने का जश्न मना रही है। इसमें बिजली सुधार को अपनी उपलब्धियों में गिना रही है। साथ ही बिजली का निजीकरण करने का प्रस्ताव भी पास कर रही है। यह सरकार की दोहरी नीति का नतीजा है। इसे बिजली कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार को यह आदेश वापस लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। 27 मार्च को कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। धरने को राम अधार, प्रदीप कुमार, चंद्रशेखर उपाध्याय, निर्भीक, विकास यादव, अभिषेक केसरवानी, असगर मेंहदी, संजय यादव, महावीर सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमला पांडेय व संचालन संयोजक निखिलेश सिंह ने किया। धरने में इंजीनियर बीबी सिंह, आरके कुशवाहा, संजय गुप्ता, अरविंद यादव, आलोक उपाध्याय, मनीजर प्रसाद, शिवशंकर, राजकुमार, आतिश यादव, अश्वनी श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास्तव, मोहन पांडेय अभिनंदन सिंह, रतन श्रीवास्तव, शैलेंद्र, विकास प्रदीप राय उपस्थित रहे।