जौनपुर। पूर्वी उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के धर्मांतरण प्रमुख अभय कुमार ने कहा कि भारत वर्ष में काल गणना का आधार सृष्टि है। सृष्टि का जन्म ही काल गणना के आधार पर हुआ। वह शनिवार को टीडी कालेज विधि महाविद्यालय के हाल में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद काल गणना का आधार बदलना चाहिए था लेकिन नहीं बदला। अंग्रेजों के समय में दिए गए मानक ईसा पूर्व व ईसा पश्चात ही बोलते हैं, जो उचित नहीं है। भारत वर्ष का पर्व चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होता है। जो सृष्टि निर्माण के आरंभ की तिथि है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे टीडी कालेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में उन्हीं का नाम है जिन्होंने संस्कृति का पोषण किया। टीडी कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. राधेश्याम सिंह ने कहा कि भारत की काल गणना पूर्ण रूप से वैज्ञानिक और प्रामाणिक है। इसका उदाहरण आमावस्या के दिन ग्रहण व पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण की घोषणा पूर्व में ही हो जाती है। संयोजक डा. एसपी सिंह ने स्वागत किया। डा. सरोज सिंह ने अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। संचालन संतोष त्रिपाठी ने किया। इसके पहले भारत माता के चित्र पर दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरआत की। इस मौके पर विभाग प्रचारक अखंड, अवनीश कुमार, रतन चंद मौर्य, प्रशांत, सुशील कुमार, डा. अरुण कुमार सिंह, ईश्वर देव सिंह, राम लखन पांडेय, डा. अजयेंद्र दुबे, डा. पीसी विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।