जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के लेदुका बाजार में पुरानी रंजिश में लाठी व राड से मारकर अरुण दुबे की हत्या के मामले में छह आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनोज कुमार सिंह गौतम ने मंगलवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 52 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड से मिली राशि का एक चौथाई मृतक के वारिसों को एवं एक चौथाई धनराशि घायलों दी जाएगी।
लेदुका के निवासी कृष्णचंद दुबे ने बदलापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 अगस्त 1998 को छह बजे शाम लालता यादव के मकान के सामने से जा रहा था। वहां दुश्मनी मानने वाले अजय ने रोककर कहा कि तुम्हारा मन बढ़ गया है। इस पर कहासुनी हुई तो थोड़ी देर में सत्यनारायण दुबे, उसके पुत्र संजय दुबे निवासी ग्राम देवरिया व योगेंद्र सिंह, संजय सिंह, मारकंडेय दुबे, धनंजय सिंह निवासी गांव लेदुका समेत आठ लोग लाठी व राड लेकर आ गए और गालियां देते हुए दौड़ा लिए। वादी कृष्णचंद के शोर मचाने पर पर उसके पुत्र अरुण दुबे, शिव कुमार व संजय बचाने आए तो आरोपियों ने उन पर लाठी व राड से हमला किया। वे घायल अवस्था में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर पहुंचे। वहां अरुण दुबे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेचना चार्जशीट दाखिल किया। एडीजीसी जवाहर लाल यादव व पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अभियोजन पक्ष से पैरवी करते हुए गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी सत्यनारायण समेत छह आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 52-52 हजार रुपए अर्थ दंड लगाया है। दौरान विचारण मुकदमा दो आरोपियों की मौत हो गई। इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा अबेट कर दिया गया। जबकि क्रास केस में संजय व शिव कुमार को मारपीट का दोषी पाते हुए एक वर्ष कारावास एक-एक हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई।