जौनपुर। शाही किला में सांस्कृतिक एवं विकास समिति द्वारा आयोजित जौनपुर महोत्सव के समापन समारोह में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा।
जौनपुर महोत्सव के समापन समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर नगरीय विकास राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने शुरूवात की। इसके बाद टीडी कालेज के छात्रों ने ग्रुप डांस प्रस्तुत किया। लोक गायिका वनिता शर्मा ने चैती होरी और लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। फिल्म स्टार गोविंदा के भांजे विनय आनंद व नायिका शिविका ने डांस व कामेडी प्रस्तुत कर लोगों को थिरकने पर बाध्य कर दिया। कामेडियन राजन श्रीवास्तव ने नेताओं, अधिकारियों एवं अन्य पर व्यंग्य प्रस्तुत कर लोगों को तालियां बजाने के लिए बाध्य कर दिया। भोजपुरी स्टार शिवा मिश्रा के गीतों पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा किला परिसर गूंज उठा। एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने लोगों का मनमोह लिया। विनय आनंद और शिविका ने ग्रुप डांस प्रस्तुत किया तो उपस्थित युवा अपने-अपने स्थानों पर झूमने लगे। कुछ ने हवा में रूमाल और गुब्बारे उड़ाकर माहौल बनाया। समारोह में आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर जिला जज एके त्यागी, डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी, एसपी केके चौधरी, एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी, सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रभूषण वर्मा, लायंस क्लब के मोहम्मद मुस्तफा, अरूण सिंह, डा. क्षितिज शर्मा, विनीत सेठ, अमित गुप्ता, इंद्रभान सिंह इंदू, अखिलेश सिंह भुवाल आदि मौजूद रहे।
पांच को मरणोपरांत और दो विभूतियों को मिला जौनपुर गौरव सम्मान
जौनपुर। समारोह के दौरान जनपद के पांच विभूतियों को मरणोपरांत और दो अन्य को जौनपुर गौरव सम्मान से नवाजा गया।
पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद और पूर्व कुलपति डा. कीर्ति सिंह को जौनपुर गौरव सम्मान दिया गया। इनके अलावा मरणोपरांत टीडी कालेज के संस्थापक ठाकुर तिलकधारी सिंह, स्व. डा. रविंद्र भ्रमर, कवि स्व. श्रीपाल सिंह क्षेम, जौनपुर के राजा रहे स्व. यादवेंद्र दत्त दूबे, बीएचयू के कुलपति रहे डीएनए वैज्ञानिक स्व. डा. लालजी सिंह के परिजनों को सम्मान राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव और डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने सौंपा।
शहीदों के परिजनों को किया गया सम्मानितजौनपुर। देश के लिए 1962 से लेकर 2017 तक के शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। इनमें सुजानगंज के फरीदाबाद निवासी 1962 में भारत-चीन युद्घ में शहीद हुए शहीद शंभूनाथ तिवारी, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्घ में शहीद हुए मछलीशहर के पराहित घघरिया निवासी शहीद रामगरीब, 1971 भारत-पाकिस्तान युद्घ में शहीद हुए बदलापुर के करघुली कंघीकला निवासी शहीद बृजमोहन सिंह, जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में वर्ष 2000 में शहीद हुए महाराजगंज के इब्राहिमपुर निवासी शहीद राजबहादुर सिंह, उरी सेक्टर में ही 2016 में भकुरा निवासी शहीद राजेश सिंह, 1992 सियाचीन ऑपरेशन मेघदूत में शहीद हुए सेहमलपुर निवासी शहीद सतिराम यादव, जम्मू कश्मीर के पूंछ सेक्टर में 1998 में सरायमोहिउद्दीनपुर के गौसपुर गांव निवासी शहीद महेंद्र प्रताप यादव, जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में वर्ष 2000 में केराकत के नरकटा निवासी शहीद शकील अहमद खां, जम्मू कश्मीर के उधमपुर में वर्ष 2000 में शहीद हुए केराकत के पटईल निवासी शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह, जम्मू कश्मीर के आपरेशन में वर्ष 2000 में शहीद हुए चंदवक निवासी शहीद मनीष कुमार रघुवंशी, जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में वर्ष 2000 में तेजपुर कुरनी निवासी शहीद धीरेंद्र प्रताप यादव, जम्मू कश्मीर के राजौरी में वर्ष 2002 में केराकत नेवादा निवासी शहीद तेजबहादुर सिंह, गुवाहाटी में वर्ष 2003 में गोपीपुर कजगांव निवासी शहीद राकेश कुमार सिंह, पंजाब में 1984 में कलीचाबाद निवासी शहीद गिरधारी लाल, 1962 में शहीद हुए कुद्दूपुर निवासी शहीद जगदीश प्रसाद पाठक और 2017 में श्रीनगर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए बदलापुर सुल्तानपुर के आशुतोष यादव के परिजनों को सम्मानित किया गया।