जौनपुर। इलाहाबाद कोर्ट के सामने अधिवक्ता भवन में विस्फोट से आक्रोशित दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन व न्यायालय प्रशासन अभी तक दीवानी परिसर में अधिवक्ता व वादकारियों की सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं जबकि पूर्व में न्यायालय की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि अविलंब परिसर की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जाएगी।
दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने संघ के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह व मंत्री अनिल सिंह कप्तान को प्रार्थना पत्र दिया कि इलाहाबाद कोर्ट के सामने अधिवक्ता भवन में विस्फोट से कई अधिवक्ता घायल हो गए। यहां भी हाल ही में एक व्यक्ति के रिवाल्वर से गोली चलने से हड़कंप मच गया था। कुछ अधिवक्ताओं को अपराधियों द्वारा फोन पर धमकी भी दी जा चुकी है। आज तक आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार न कर सकी। यहां श्रमजीवी विस्फोट कांड के आतंकवादियों एवं अन्य संगीन मामलों के आरोपियों की पेशी होती है। पूर्व में तीन जिलों की कोर्ट में विस्फोट भी हो चुका है। एक दो दिन तक चेकिंग अभियान चलाया जाता है फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। दीवानी न्यायालय में कभी भी अप्रिय वारदात हो सकती है। न तो गेट पर सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था हुई न ही मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था की गई जबकि सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में हाईकोर्ट का सख्त निर्देश है। अधिवक्ताओं ने अपेक्षित सुरक्षा व्यवस्था तत्काल मुहैया किए जाने की मांग किया है।