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हुई निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई तो भड़के लेखपाल

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जौनपुर। तहसील सदर के लेखपाल संघ के अध्यक्ष कृष्णानंद पांडेय को निलंबित किए जाने के विरोध में लेखपालों ने मंगलवार को सदर तहसील परिसर में धरना दिया और एसडीएम सदर पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि एसडीएम लेखपाल संघ के सदस्यों का मानसिक उत्पीड़न कर रही हैं।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष लालचंद श्रीवास्तव, जिला उपमंत्री राज नारायण पुष्कर का कहना है कि अकारण तहसील संघ के कृष्णानंद पांडेय को निलंबित कर कई लेखपालों का स्थानांतरण कर दिया गया जिससे लेखपाल संघ में असंतोष है। उन्होंने कहा कि सदर लेखपाल संघ 6 मार्च को कार्य बहिष्कार करते हुए एसडीएम सदर से वार्ता किया था जिसमें उन्होंने स्थानांतरण वापस लिए जाने का भरोसा दिया था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 8 मार्च को लेखपाल संघ की बैठक हुई जिसमें वादाखिलाफी की निंदा की गई। 12 मार्च को बैठक कर निर्णय लिया गया कि 13 मार्च को कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर लालचंद पांडेय, अरविंद पांडेय, रमाशंकर मिश्र, कृष्णानंद पांडेय, जयशंकर यादव, दूधनाथ, संजय कुमार, जनार्दन मिश्र, रमेश त्रिपाठी, विष्णु नारायण सिंह, दुर्गेश यादव, वीरेंद्र प्रताप, रामचंदर यादव, सुरेश पाल, नीतू सिंह, बबिता, राजेश आदि मौजूद रहे।

निलंबन और स्थानांतरण पर नाराजगी
जौनपुर। सदर तहसील लेखपाल संघ के अध्यक्ष कृष्णानंद पांडेय पर आरोप है कि ग्राम प्रधान से साजिश करके उन्होंने भुवाल पट्टी की नवीन परती की जमीन को प्रधान की बहू, भाई आदि के नाम आबादी में दर्ज कर दी। एसडीएम ने इसकी जांच तहसीलदार से कराई और आरोप सही पाने पर कृष्णानंद पांडेय को निलंबित और आठ लेखपालों का स्थानांतरण कर दिया।
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तहसीलदार सदर की जांच पचा चला कि 27 फरवरी को भुवाल पट्टी की नवीन परती खाते की भूमि को माधुरी, ज्योति देवी, जवाहर लाल के नाम हल्का लेखपाल कृष्णानंद पांडेय की रिपोर्ट पर दर्ज कर दी गई। माधुरी व ज्योति देवी जगदीशपुर के ग्राम प्रधान बांकेलाल की बहू हैं। एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शिनी ने इन्हें 27 फरवरी को कृष्णानंद को निलंबित कर दिया और अरुण कुमार यादव, सौरभ, निलेश कुमार सिंह, इशान द्विवेदी, संजीत कुमार, अंकित सरोहा, अजय सेठ, ओम प्रकाश तिवारी का स्थानांतरण कर दिया। अब लेखपाल ट्रांसफर व निलंबन निरस्त करने के लिए दबाव बना रहे हैं। एसडीएम का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबन किया गया है। जिनका स्थानांतरण हुआ है, उन्हें ज्वाइन नहीं करने पर नोटिस दिया गया है।
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