जौनपुर। गर्मी में विद्युत आपूर्ति चुनौती होगी। जिले के अधिकांश इलाकों में विद्युत आपूर्ति जर्जर तारों के भरोसे की जा रही है। ये तार अक्सर टूट कर गिरते रहते हैं और विद्युत आपूर्ति बाधित होती रहती है। इससे हादसे भी होतेे हैं। फसलें जलकर नष्ट हो जाती हैं लेकिन विभाग के पास इन तारों को बदलने की कोई योजना नहीं है।
जिले में बिजली के लगभग चार लाख उपभोक्ता है। तीन दशक पुराने तार अब जर्जर हो चुके हैं। इसके चलते अक्सर कहीं न कहीं फाल्ट आती रहती है। उसके दुरुस्त करने में अक्सर देर होती है, जिसके चलते किसी दिन शायद ही शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति हो पाए। औसतन हर इलाके में तय शेड्यूल से दो से तीन घंटे कम बिजली की आपूर्ति होती है। शहर में 24 घंटे, ग्रामीण में 18 घंटे और तहसील में 20 घंटे आपूर्ति करने का शेड्यूल है, लेकिन शहर क्षेत्र में 20 से 22 घंटे, गांवों में 14 से 15 और तहसील मुख्यालयों पर 17 से 18 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल पाती है। अभी से यह हाल तो गर्मियों में अबाध आपूर्ति करने में विभाग को पसीने बहाने पड़ेंगे। जिले में विभिन्न क्षमताओं के 32 हजार 398 ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसमें सबसे ज्यादा 10 से 63 केवी के ट्रांसफार्मर हैं, जिनकी संख्या 30 हजार से ज्यादा है। 100 से 250 एमवी के 1233 ट्रांसफार्मर लगे हैं। इसके अलावा 400 केवीए के 99, 630 केवीए के 12, 1000 केवीए के चार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। कम क्षमता के ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक होने के कारण गर्मी और बारिश के दिनों में अक्सर जलते रहते हैं। जर्जर तारों की वजह स्पार्किंग होने पर ट्रांसफार्मरों को फुंकने की आशंका रहती है। विभाग ने जर्जर तारों को बदलना शुरू किया था लेकिन अभी बमुश्किल 10 फीसदी ही तार ही बदले जा सके हैं।
अधिकारियों का दवा है कि गर्मी की तैयारी शुरू कर दी गई है। उपकेंद्रों की ओवर लोडिंग को समाप्त करने के साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। कार्यशाला में ट्रांसफार्मरों का स्टाक रखा गया, ट्रांसफार्मर बदलने के लिए वाहनों को लगाने का कार्य किया जा रहा है। मगर ट्रांसफार्मर की अर्थिंग दुरुस्त करने, उनमें तेल की जांच आदि का काम नहीं हो रहा है।
बिजली के जर्जर तारों को बदलने के लिए कोई योजना संचालित नहीं है। इसे बाद भी 10 फीसदी जर्जर तारों को बदला गया है। अभी भी 90 फीसदी तारों को बदला जाना शेष है। गर्मी में निर्बाध बिजली देने के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं।-एके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता