गोमती सेतु राजमार्ग के तहत वाजिदपुर तिराहे से जेसीज चौराहे होते गोमती नदी पुल तक की सड़क फोरलेन होगी। लोक निर्माण विभाग इसके 300 फुट चौड़ा सड़क बनाने की कवायद शुरू कर दिया है। इसके तहत वाजिदपुर से जेसीज होते गोमती नदी पुल तक विधायक समेत 80 लोगों को अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
लखनऊ-मांझी घाट-गोमती सेतु पहुंच राजमार्ग के तहत वर्ष 1973-74 में वाजिदपुर से जेसीज होते गोमती पुल तक की भूमि अधिग्रहित की गई थी। इस भूमि पर कब्जा लेकर पीडब्लूडी प्रांतीय खंड ने सड़क का निर्माण शुरू किया। सड़क निर्माण के दौरान ही नक्शे से हटकर सड़क का निर्माण किया गया। वैसे वर्तमान में तकरीबन 50 फुट सड़क चौड़ी है। लेकिन इसे बढ़ाकर मध्य सड़क से दोनों तरफ 150-150 फुट चौड़ा फोरलेन बनाने के दौरान किया जाना है। इसको लेकर पीडब्लूडी ने फरवरी माह में एक विधायक सहित 80 लोगों को कब्जा की हुई भूमि से अतिक्रमण हटाने की नोटिस देते हुए कहा है कि ऐसा नहीं करने पर अभियोग धारा 441/447 आईपीसी के अंतर्गत कार्रवाई होगी।
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कई बार हो चुकी है कवायद
जौनपुर। वाजिदपुर से जेसीज होते गोमती नदी पुल तक पीडब्लूडी मध्य सड़क से 150-150 फुट दोनों तरफ अपनी जमीन बता रहा है। वहीं अधिकतर लोगों ने नक्शा पास कराकर भवन का निर्माण कराया है। ऐसे में लंबे समय बाद यह भूत एक फिर उपट गया है। कई बार पीडब्लूडी नोटिस जारी कर अतिक्रमण का निर्देश दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। डीएम अरविंद मल्लपा बंगारी के निर्देश पर एक बार फिर सड़क चौड़ीकरण की कवायद शुरू हुई है। लोक निर्माण विभाग जिस जमीन को अपना बताकर नोटिस जारी किया है। अगर इसके तहत कार्रवाई हुई तो कई लोग बर्बाद हो जाएंगे। क्योंकि इस जमीन में कई होटल, कई डाक्टरों की क्लीनिक, कई भाजपा नेताओं के होटल, मकान, दुकान आदि बन गए हैं। यह अलग बात है कि नोटिस में जिनके नाम से जमीन है उन्हें भी नोटिस थमा दिया गया है।
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वाजिदपुर की तरफ पतली और जेसीज की तरफ चौड़ी है सड़क
जौनपुर। पीडब्लूडी अधिकारियों की माने तो वाजिदपुर चौराहे से 120 मीटर की दूरी तक सड़क के बीचोबीच से दोनों तरफ 110-110 फुट लंबाई में सड़क बनाई जाएगी। जबकि इससे आगे बढ़ने पर यह चौड़ाई 150-150 फुट की हो जाएगी।
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वाजिदपुर तिराहे से जेसीज चौराहे से आगे तक सड़क चौड़ीकरण गोमती सेतु पहुंच राजमार्ग के तहत किया जाना है। पीडब्लूडी की जमीन पर तकरीबन 80 लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान, दुकान बना लिया है। इन्हें नोटिस दी गई है और इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है।
केजी सारस्वत
अधिशासी अभियंता
लोनिवि प्रांतीय खंड