जौनपुर। होली के मौके पर बवाल, मारपीट एवं केमिकल युक्त रंग और मिलावटी खाद्य सामग्रियों के इस्तेमाल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने खास इंतजाम किया है। जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को सीएमओ ने अलर्ट किया है। उधर जिला अस्पताल में पांच चिकित्सकों को मौजूद रहने को कहा गया है। बवाल, मारपीट को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ भी लगाएं गए है।
होली के दिन मारपीट की घटनाएं अधिक होती है। त्योहार और हो हल्ला की वजह से न तो मेडिकल की दुकानें खुली रहती है और न ही डाक्टर ही मौजूद रहते है। इंमरजेंसी में तैनात चिकित्सक भी गायब हो जाते है। ऐसे में लोगों को खास परेशानी होती है। लोग हार थक कर प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेते है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम अरविंद मल्लपा बंगारी ने सीएमओ को सावधानी बरतने का आदेश दिया है। वैसे डीएम ने जिला अस्पताल का हाल ही में अचानक पहुंचकर वहां की व्यवस्था को ठीक कर दिया है। होली के दिन मारपीट, एक्सीडेंट के अलावा लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं । जिला अस्पताल के सीएमएस डा. एसके पांडेय का कहना है कि त्योहार को देखते हुए खास इंतजाम किया गया है। डाक्टरों को चेता दिया गया है। उन्हें मुख्यालय से बाहर नहीं जाने को कहा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त स्टाफ भी लगाएं गए है। ताकि किसी अप्रिय घटना होने पर किसी भी मरीज को कोई परेशानी न हो।
अस्पताल पर मरीजों ने किया हंगामा, प्रदर्शन
मड़ियाहूं। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बुधवार की सुबह उपचार के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों व तीमारदारों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी किया। पुलिस ने बाद में लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट राजेंद्र प्रसाद व शैलेंद्र यादव को 2 दिन पूर्व कार्यमुक्त तो कर दिया। किंतु उनके स्थान पर किसी फार्मासिस्ट की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई। जिसके कारण यहां उपचार कराने आए मरीजों को काफी कठिनाई हुई उन्हें इंतजार में घंटों बैठना पड़ा। फार्मासिस्ट के अभाव में अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चल रही है। डाक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे थे। जबकि दवा तो स्टाक में था लेकिन उसका वितरण करने वाला कोई मौजूद नहीं था। दवा नहीं मिलने पर मरीजों ने हंगामा शुरू कर दिया। चिकित्सक डा. पीके सिंह, डा. एके भारती ने बताया कि हम लोग यहां मरीजों को देखकर दवा लिखेंगे तो उन्हें दवा देगा कौन। क्योंकि यहां बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दोनों फार्मासिस्टों को कार्य मुक्त कर दिया गया है। कुत्ते की सुई लगवाने पहुंचे राम जतन यादव निवासी परशुरामपुर, अमरनाथ प्रजापति, चंद्रावती रामपुर निस्फी आदि ने बताया कि हम लोग सुबह से आए हैं लेकिन उन्हें दवाएं नहीं मिली। मरीजों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक अस्पताल कम ही आते है। जिसकी वजह से मरीजों को परेशानियों से जूझना पड़ता है।
होली नहीं मनाएंगे केवटली कला गांव के लोग
ोली नहीं मनाएंगे केवटली कला गांव के लोग
सिंगरामऊ। सरकारी जमीन पर होलिका दहन से मना करने से खफा केवटली कला गांव के लोगों ने इस बार होलिका दहन और होली न मनाने का फैसाला किया है। बुधवार को ग्राम प्रधान अशोक कुमार मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है।
आरोप है कि गांव के लोग जिस स्थान पर कई पुस्त से होलिका दहन कर रहे थे वहां इस साल पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने होली दहन करने से मना कर दिया। राजस्व विभाग का दावा है कि ग्रामीण जिस स्थान पर होलिका दहन करते थे वह भीटा खाते की जमीन है। ग्राम प्रधान अशोक मिश्र ने बताया कि इसी भूखंड का केस कमिश्नर के यहां कल्लू बनाम राजितराम के नाम से चल रहा है। बुधवार को मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे लेखपाल ने ग्रामीणों को वहां होलिका दहन करने से मना किर दिया। ग्राम प्रधान के आवास पर हुई बैठक में राकेश तिवारी , मातादीन ,राम प्रताप ,अच्छे लाल अनिलकुमार तिवारी ,महेन्द्र निषाद आदि मौजूद थे।