जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के सत्र 2016-17 की मुख्य परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल के आरोप में डिबार 20 कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने की अनुमति मिल गई है। बुधवार को परीक्षा संचालन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। परीक्षा संचालन समिति ने एक लाख रुपये की जुर्माना राशि वसूल करने के बाद केंद्र बनाने की अनुमति दी है।
सत्र 2016-17 की मुख्य परीक्षा के दौरान 28 कालेजों में उड़ाका दल ने नकल पकड़ी थी और उन्हें डिबार कर दिया गया था। परीक्षा संचालन समिति की बैठक में इन कॉलेजों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला हुआ था। तय किया गया था कि यदि कालेज एक-एक लाख रुपये जुर्माना और शुचितापूर्ण परीक्षा कराने का शपथपत्र देते हैं तो इन्हें सत्र 2017-18 परीक्षा केंद्र बनने की अनुमति दे दी जाएगी। इसके बाद 28 आरोपी कालेजों में से 12 कालेजों ने जुर्माना की राशि और शपथ पत्र पहले ही विवि को सौंप दिया था। शेष कालेजों को मौका दिया गया था कि यदि वह 28 फरवरी तक जुर्माना की राशि जमा कर देते हैं तो उन्हें भी परीक्षा केंद्र बना दिया जाएगा। 28 फरवरी को आठ और कालेजों ने जुर्माना की राशि और शपथ पत्र विश्वविद्यालय को सौंप दिया। डिबार 28 कालेजों में से 20 कालेजों ने जुर्माना की राशि और शपथ पत्र दे चुकें हैं। आठ कालेज ऐसे बचे हैं जो न तो जुर्माना की राशि जमा किए और न ही शपथपत्र। इन कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाने की अनुमति नहीं दी गई। आजमगढ़ के चार, मऊ के एक और गाजीपुर के तीन कालेजों ऐसे हैं जो जुर्माना की राशि और शपथ पत्र देने से इनकार कर दिए।
सत्र 2017-18 की मुख्य परीक्षा के लिए केंद्रों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया। कुछ कालेज ऐसे थे जहां छात्र हीं नहीं थे। उनका नाम परीक्षा केंद्र की सूची से हटा दिया गया। अब पांच जिलों के कुल 695 केंद्रों पर विवि की परीक्षा कराई जाएगी। बुधवार की शाम परीक्षा केंद्रों का नाम विवि के वेबसाइट पर अपडेट कर दिया जाएगा।-संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक पूविवि