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शिक्षा की अलख जगाकर जिले को दिया उपहार

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जौनपुर। पूर्व पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा कि ठाकुर तिलकधारी सिंह ने शिक्षा के जिस मंदिर की स्थापना की थी। वह आज पूरी तरह से एक मिशन बन गया है। संस्थान दिनों दिन तरक्की कर रहा है। यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र देश ही नहीं पूरे विश्व में अपनी प्रतिभा विखेर रहे हैं। कालेज के संस्थापक ठा. तिलकधारी सिंह का ऋणी पूरा जिला है। एक छोटी से घटना किसी भी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। आज मैं जो कुछ हूं वह टीडी कालेज की शिक्षा और अनुशासन की देन हैं। वह बुधवार को टीडी कालेज में आयोजित संस्थापक दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि पचास वर्ष बाद मुझे टीडी कालेज में मौका मिला है। मेरे लिए बड़े गौरव की बात है। कालेज की शिक्षा और अनुशासन ने ही मुझे इस काबिल बनाया। पूर्व डीआईजी कृपा शंकर सिंह ने कहा कि तिलकधारी सिंह कर्मयोगी थे। उनके कर्म का प्रतिफल है कि आज यह संस्थान एक मिशन का रूप ले चुका है। उनकी सोच और त्याग से हम सभी को सीख लेने की जरूरत है। पूर्व कुलपति डा. कीर्ति ने कहा कि तिलकधारी सिंह महापुरुष थे। उनकी महानता का आंकलन इस संस्थान की ख्याति से लगाई जा सकती है। प्रबंध समिति के श्रीप्रकाश सिंह ने कालेज में संसाधन और बढ़ाए जाने तथा छात्रों की सुविधा पर ध्यान आकृष्ट कराया। डा. आरपी ओझा ने कविता के माध्यम से संस्थापक के कार्यो बताया। कालेज के प्रबंधक अशोक कुमार सिंह ने कहा कि संस्थापक ने जो पौधा लगाया था। वह आज वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उनके आशीर्वाद से ही पूरी तरह से पल्लवित हो रहा है। शिक्षक पढ़ाई के साथ छात्रों को नैतिकता का भी पाठ पढाए। प्राचार्य डा. विनोद कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपा शंकर सिंह ने कालेज के संस्थापक ठा. तिलकधारी सिंह को त्याग की प्रतिमूर्ति बताया। कहा कि संस्थान के छात्र आज विश्व के हर कोने में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्व प्राचार्य डा.राधेश्याम सिंह, डा. अरुण कुमार सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया। डा. सरोज सिंह प्रगति आख्या प्रस्तुत किया। प्राचार्य और प्रबंधक ने अति थियों को स्मृचि चिह्नन और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। छात्राओं ने सरस्वती वंदना और कुलगीत प्रस्तुत किया। अतिथियों ने संस्थापक के चित्र पर दीप प्रज्वलित कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर डा. माधुरी सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. अजय सिंह, डा. वीके त्रिपाठी, डा. केडी सिंह, डा. डीबी मिश्र, डा. एसके सिंह वत्स, डा. वंदना दुबे, दुश्यंत सिंह, डा. एके सिंह, डा. आरएन ओझा आदि मौजूद थे। संचालन डा. महेंद्र त्रिपाठी ने किया।
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सम्मानित किए गए शिक्षक और कर्मचारी
जौनपुर। कालेज में अपनी जिम्मेदारी का बेहतर तरीके से निर्वहन करने वाले पूर्व शिक्षक डा. निरूपा सिंह, डा. धनंजय सिंह, कर्मचारी अंबिका सिंह, इंद्रेसेन सिंह और चतुर्थ श्रेणी के तीन कर्मचारियों को स्मृति चिह्नन देकर सम्मानित किया गया। साथ कालेज के पूर्व छात्र दुश्यंत सिंह और राजेश सिंह को भी मुख्य अतिथि ने स्मृति चिह्न देकर पुरानी याद को ताजा किया।
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