मीरगंज। मछलीशहर के 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र के सर्किट ब्रेकर में खराबी के चलते जंघई 33 केवी विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति ठप रही। उससे जुड़े 72 गांवों में बीस घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। इन गांवों में सारी रात बिजली गुल रही है। गार्ड आफ आनर सोमवार दोपहर 12 बजे खराबी को दूर कर आपूर्ति बहाल की गई।
जंघई विद्युत उपकेंद्र को मछलीशहर के 132 केवीए से बिजली मिलती है। रविवार शाम चार बजे अचानक सर्किंट ब्रेकर में खराबी आ गई, जिससे जंघई उपकेंद्र की आपूर्ति बंद हो गई। जंघई से निकलने वाले एमबी, रेलवे और रुरल की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इन फीडरों से असवां, सेमरी, भोगीपुर, बभनियांव, जंघई, करौर, गरियाव, बिरगही का पूरा, मोलनापुर, चौकीकला, गोधना, किशुनदासपुर, अगहुआ, सवैया, चौकी खुर्द, चितांव, भटेवरा, लासा, अदारी, कठार, मुजहना, जगदीशपुर, बरांवा, माधोपुर इमिलिया, गुरगुजी, भिदुना, रामपुरखुर्द, मुबारकपुर, देवापुर, सरायदेवा, चौधरीपुर, दीनापुर, भटहर, किसान नगर, रामपुर चौथार, शेषजैनपुर, रामडीह, मेदपुर, बनकट, उमरी, मीरपुर, करियांव, जरौना, नवापुर, कमासिन, कसेरवा, बसेरवा, अमाई, अलापुर, हबेली, सिरौली, गोपालपुर, काटी, मनौरा, मनापुर आदि 72 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। उपकेंद्र बंद होने से इन गांवों में रात में अंधेरा रहा। सुबह पेयजल की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। इन दिनों मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, बिजली गुल होने के कारण रात में लोक चैन से नहीं सो पाए। सोमवार को दोपहर सप्लाई ठीक की जा सकी। एसडीओ मछलीशहर अमर सिंह पटेल का कहना है की 132 केबीए के फीडर मे के सर्किंट में खराबी की वजह से सप्लाई बाधित रही। जिसे सोमवार दोपहर तक ठीक करा दिया गया।