बदलापुर/घनश्यामपुर। बदलापुर के नगर पंचायत बने के बाद आसपास के गांवों के विकास की आस जगी थी। आज पंचायत के पास करोड़ों का धन है लेकिन विकास कार्य नहीं हुा। न जल निकासी की व्यवस्था हुई और न ही स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं। इंटरलाकिंग का कार्य शुरू कराया गया लेकिन पूरा नहीं हुआ।
बदलापुर को 27 जून 2014 में नगर पंचायत बनाया गया। इसमें पुरानी बाजार, बरौली , भलुआही, हकारपुर, सरोखनपुर, सुल्तानपुर, ऊदपुरघाटमपुर तथा ऊदपुर गेल्हवा गावों को शामिल किया गया था। नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी राज्य वित्त आयोग से 8.83 करोड़, चौदहवें वित्त आयोग से 1.72 करोड़ और स्वच्छ भारत मिशन से 61लाख रुपए जाराी हुए थे। इसके बावजूद नाली तथा स्ट्रीट लाइट का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को शौचालय तक नहीं मिला। बदलापुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल सिंह शक्ति का कहना है कि कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ है। सरोखनपुर के रिटायर्ड शिक्षक अमरबहादुर सिंह ने बताया कि न तो साफ-सफाई और न ही प्रकाश की व्यवस्था हो पायी है। पुरानी बाजार निवासी रामजीत पांडेय ने बताया कि आज भी हम लोग पुरानी व्यवस्था में ही दिन काट रहे हैं। उपेंद्र मणि त्रिपाठी एडवोकेट ने कहना है कि किसी वार्ड में अपेक्षित विकास नहीं हो रहा है। अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद का दावा है कि काम कराए जा रहे हैं, उसे पूरा होने में कुछ वक्त लगेगा।