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किसान गिड़गिड़ाते रहे फिर भी रौंद दी खड़ी फसल

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जलालपुर। त्रिलोचन के पास फोरलेन बाईपास का निर्माण शुक्रवार को प्रशासन ने पुलिस के दम पर जबरन शुरू करा दिया। किसान गिड़गिड़ाते रहे लेकिन पुलिस ने उन्हें धक्के देकर भगा दिया। उनकी खड़ी फसल जेसीबी से रौंद डाली। किसानों का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है।
वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। त्रिलोचन के बाद बाईपास का निर्माण होना है। किसानों ने एक साल पहले रोक दिया था। किसान सर्किल रेट के चार गुना मुआवजा लेने पर अड़े थे। प्रशासन ने कई बार बाईपास का निर्माण करने का प्रयास किया लेकिन किसानों के विरोध के चलते हमेशा प्रशासन को मात खानी पड़ी। शुक्रवार को एसडीएम केराकत मंगलेश दुबे व सीओ केराकत अवधेश कुमार शुक्ला सर्किल के सभी थानों की फोर्स व महिला सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी से बात किए सीधे जेसीबी खेत में उतार दी। गेहूं, चना, सरसों, प्याज आदि की खड़ी फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे। सनराजी देवी, उर्मिला, प्रेमशीला, शांति, सीता, गीता, कमलेश, संदीप, रामअशीष, सतीश संजय, सभाजीत आदि जेसीबी के आगे खड़े हो गए लेकिन पुलिस ने उन्हें धक्का देकर दूर कर दिया। फसल रौंद दी गई।
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छतरीपुर गांव के किसान छब्बू राम ने बताया कि उनके चार भाइयों आराजी नंबर 493 में 53 डिसमिल भूमि है। उनको जमीन का कोई मुआवजा नहीं दिया गया है जबकि उनके दो भाई भीखम और सीखम को मुआवजा मिला है। बिना मुआवजा दिए ही उनके हिस्से की जमीन पर भी निर्माण शुरू करा दिया गया। कानूनगो मिठाईलाल ने बताया कि किसान निर्धारित रेट से अधिक मुआवजा मांग रहे हैं। कमलेश, कैलाश, सनराजी का आरोप है कि हमारी आराजी नबंर 489 में से दस विस्वा जमीन प्रभावित हुई है लेकिन सात विस्वा का मुआवजा मिला है। मेवा यादव, बचई, शोभा समेत अन्य किसानों का आरोप है कि एक ही स्थान पर अलग अलग रेट से मुआवजा दिया जा रहा है। क्षेत्र के बीबन मऊ, महिमापुर समेत अन्य गांव के किसानों का आरोप है कि बिना मुआवजा दिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है।
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कोट:
किसान एक साल से हाईवे निर्माण कार्य में बाधा बने हुए हैं। कई बार किसानों के साथ बैठक की गई लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े हैं। काम शुरू करा दिया गया है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी शिकायत दर्ज कराएं सुनवाई की जाएगी। -मंगलेश दुबे, एसडीएम केराकत


किसानों के साथ हो रहे अन्याय को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशाशन चाहे जितनी जबरदस्ती कर ले। किसानों को मुवाबजा देना ही पड़ेगा।
राजेश मिश्र
अध्यक्ष किसान न्याय मोर्चा
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