जौनपुर। समय -समय पर हेलमेट लगाकर बाइक चलाने के लिए पुलिस, परिवहन और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लोगों को जागरुक किया जाता है। लोगों को भी पता है सुरक्षित सफर करने के लिए हेलमेट बेहद जरुरी है। हेलमेट पहनना उन्हें आदत में डालना होगा और ट्रैफिक नियमों का पालन करना होगा। लेकिन लोग जान कर भी अनजान बने रहते हैं। बाइक को लोग टैंपो बना लिए हैं और तीन-तीन लोग बैठ कर चल रहे हैं।
छह माह पहले कुछ पेट्रोल पंपो ने इस बात का बैनर लगाया कि हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं। इसका शुभारंभ भी तत्कालीन एसपी से कराया। लेकिन दो-चार दिन बाद ही सब कुछ उन्हें भूल गया। पेट्रोल पंपो पर बिना हेलमेट वाले ही अधिकतर पेट्रोल डलवाते देखे जाते हैं। सबसे खराब स्थिति वाहन चलाते समय वाहन पर बात करने की है। हाल के दिनों में कई हादसे हुए है। जिसमें इसकी वजह सेे मौतें हुई हैं। बावजूद इसके लोग चेत नहीं रहे हैं। जिले में हर रोज एक व्यक्ति की हादसे में हेलमेट नहीं लगाने के कारण कहीं न कहीं मौत हो रही है। जबकि दो से तीन लोग घायल हो रहे हैं। फिर भी कोई भी व्यक्ति हेलमेट लगाकर नहीं चल रहा है। रविवार को शाहीपुल, जेसीज चौराहा, टीडी कालेज रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। लेकिन लोग बिना हेलमेट के फर्राटा भर रहे थे। लोगों को इस बात का कोई भी भय नहीं है कि हेलमेट नहीं लगाएंगे तो उनका चालान कट जाएगा। यही कारण है कि एयर फोन व मोबाईल फोन से बात करते लोग बाइक चला रहे है। तीन सवारी व बिना हेलमेट की गाड़ी चलाना तो शौक बन चुका है।
एसपी केके चौधरी कई बार जिले के सभी एसओ को तीन सवारी और बिना हेलमेट पहनने वालों के विरुद्ध कार्यवाई के लिए चेता चुके है। लेकिन उनका आदेश अमल में नहीं लाया जा सका है।