जौनपुर। रसोई गैस जरूरत और सुविधा है लेकिन उसे सावधानी से इस्तेमाल करने की जरूरत है। एहतियात नहीं बरतने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। गैस कंपनियों को समय-समय पर उपभोक्ताओं को जागरूक करना चाहिए लेकिन ऐसा किया नहीं जा रहा है। जानकारी के अभाव में गैस से हादसे होते रहते हैं। जिले में लगभग चार लाख 24 हजार उपभोक्ता है।
जिले में 48 गैस एजेंसियां लोगोें को रसोईगैस की आपूर्ति करती हैं। इनमें 28 एजेंसियां इण्डेन की हैं जबकि 20 एजेंसी भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की। इन एजेंसियों पर लगभग चार लाख 24 हजार गैस के उपभोक्ता हैं, जिसमें उज्ज्वला योजना के तहत लगभग एक लाख 60 हजार कनेक्शन जारी किए गए हैं और दो लाख 64 हजार सामान्य उपभोक्ता हैं। गैस एजेंसियों द्वारा कभी भी न तो पाइप की जांच की जाती है और न ही गैस बर्नर व चूल्हा आदि की जांच की जाती है। वहीं उपभोक्ता के घर जाकर गैस कनेक्शन और गैस से सुरक्षा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती है। नियम है कि गैस कनेक्शन देते समय गैस एजेंसी द्वारा विशेषज्ञ भेजकर संबंधित उपभोक्ता के घर में कनेक्शन लगवाना चाहिए। साथ ही सुरक्षा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए लेकिन इसका केवल शुल्क वसूल किया जाता है।
चूल्हा गैस सिलेंडर से ऊपर रखना चाहिए। चूल्हे को खिड़की के पास खा जाना चाहिए। साथ ही समय-समय पर बर्नर एवं पाइप को चेक करते रहना चाहिए।
गैस की कालाबाजारी व रिफलिंग आदि को रोकना पूर्ति विभाग का काम है। लोगों को जागरूक करना और सुरक्षा के बारे में जानकारी देना रसोई गैस कंपनियों व एजेंसियों का काम है।- अजय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी