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बिना हेलमेट के पूरे परिवार को बाइक से लेकर चल रहे लोग

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जौनपुर। हेलमेट लगाने के लिए सामाजिक संस्थाएं, पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग समय-समय पर लोगों को जागरूक करता है। बावजूद इसके लोग हेलमेट लगाकर नहीं चल रहे हैं। बुधवार को हर चौराहे पर ऐसे लोग मिले जो पूरे परिवार को बाइक पर बैठाकर फर्राटा भर रहे थे। हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ने के बावजूद भी लोग चेत नहीं रहे हैं। तीन साल में एक हजार से अधिक लोग मौत के गाल में हादसों की वजह से समा गए।
सुरक्षित सफर करने के लिए हेलमेट लगाना जरूरी है। इसे बाइक चलाने वाले हर व्यक्ति को अपनी आदत में डालना चाहिए। बावजूद इसके लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रैफिक नियमों का न तो लोग पालन कर रहे हैं और न ही बाइक पर बैठाने में संख्या का ख्याल कर रहे हैं। नियम है कि बाइक पर दो से अधिक लोग नहीं बैठना चाहिए। लेकिन अधिकतर लोग मान नहीं रहे हैं। पूछिए उनसे जिनके परिवार के लोग हेलमेट नहीं लगाने की वजह से काल के गाल में समा गए। हाल ही में हादसे में शिकार हुए पत्रकार यादवेंद्र दत्त दूबे मनोज का परिवार इसका उदाहरण है। मनोज अगर हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान नहीं जाती है और वह अपनी बेटियों के हाथ शान सौकत से पीले किए होते। लेकिन हेलमेट नहीं लगाने की वजह से उनकी जान चली गई है। बाइक को लोगों ने ऑटो बना लिया है और तीन-तीन, चार-चार लोग बैठकर बाइक पर चल रहे हैं। किशोर और युवा तो दूर बुजुर्ग भी तीन-तीन लोगों को बैठाकर चलने से परहेज नहीं करते। आंकड़े बताते हैं कि हादसों में मरने वालों में सबसे ज्यादा वही बाइक सवार थे जिन्होंने हेलमेट नहीं लगा रखा था या फिर बाइक पर तीन लोग बैठे थे।
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सुरक्षित चलिए, घर पर भी आपका कोई इंतजार कर रहा है। यह सोच हर व्यक्ति में विकसित होना चाहिए। ऐसी सोच और परिजनों का ख्याल करने के तहत हर व्यक्ति से मेरी अपील है कि बाइक पर हेलमेट लगाकर चलें। ऐसा नहीं करने पर पुलिस आपका चालान करेगी और जुर्माना भी भरना पड़ेगा।-केके चौधरी, एसपी
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