जौनपुर। मोहम्मद हसन पीजी कालेज के वनस्पति विज्ञान विभाग में सोमवार को रिकांबिनेंट डीएनए टेक्नोलॉजी एंड इट्स एप्लीकेशन विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। जिसमें डीएनए टेक्नोलॉजी की भूमिका और उसके लाभ पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य वक्ता टीडी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर एसके वर्मा ने रिकांबिनेंट डीएनए टेक्नोलॉजी के उपयोग और इंसूलीन हार्मोन्स की खोज पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि
आरडीएनए टेक्नोलॉजीका उपयोग एग्रीकल्चर मेडिसीन, मोना क्लोनेट एंटीबाडी और जीन थेरेपी पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कम समय में अधिक पैदावार किया जा सकता है। आर डीएनए टेक्नोलॉजी द्वारा गोल्डेन राइस से हम विटामिन ए की कमी को दूर कर सकते हैं। आर डीएनए टेक्नोलॉजी कीट रजिस्टेंट पौधों का उत्पादन कर सकते हैं। इस टेक्नोलॉजी द्वारा तमाम तरह के वैक्सीन बना सकते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हेपेटाइटिस वैक्सीन है। प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर खां ने अध्यक्षता की। संचालन डा. अर्चना वर्मा ने किया। इस मौके पर डा. केके सिंह, डा. रजिया, डा. अभय, डा. प्रतिमा, डा. चंद्रशेखर, डा. शोभा, डा. कमलेश, डा. एनवी सिंह आदि मौजूद रहे।