सीसी टीवी कैमरा लगाकर सुचितापूर्ण बोर्ड की परीक्षा कराने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। शासन के निर्देश के बाद भी एक केंद्र पर कैमरा नहीं लगवाया गया। बिना सीसी टीवी कैमरा के ही चार दिन की परीक्षा करा दी गई। इसकी भनक किसी अधिकारी को नहीं लगी। जब कि जांच के लिए सेक्टर, जौनल मजिस्ट्रेट के अलावा अन्य अधिकारी भी लगाए गए हैं। सरकार के आदेश को ताक पर रखकर केंद्र व्यवस्थापक मनमानी तरीके से परीक्षा करा रहे हैं। केंद्र व्यवस्थापक के लिए सरकारी आदेश हवा हवाई लग रहा है।
डा. राम उग्रह सिंह स्मारक इंटरमीडिएट कालेज पोखरा केंद्र पर किसी भी कमरे में सीसी टीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। ऐसे में नकल विहीन व सुचितापूर्ण परीक्षा कराने की सरकार की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। डा. राम उग्रह सिंह स्मारक इंटरमीडिएट कॉलेज पोखरा में हाई स्कूल के 428 और इंटरमीडिएट के 150 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिया गया था सभी कक्षों में समय से सीसी टीवी कैमरा लगवा कर उसकी सूचना डीआईओएस को उपलब्ध करा दें। लेकिन यहां पर बगैर मानक पूरा किए ही परीक्षा केंद्र बना दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने भी बिना जांच पडताल किए केंद्र बनाने के लिए सहसमति दे दी। जबकि कई चक्रों में अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद भी किसी का ध्यान सीसी टीवी कैमरा की तरफ नहीं गया। उड़ाका दल, सेक्टर मजिस्ट्रेट ने कागजी कोरम पूरा कर पल्ला झाड लिया। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाचार्य धनंजय सिंह ने बताया कि परीक्षा से पूर्व निरीक्षण में आए राजकीय विद्यालय बलरामपुर के प्रधानाचार्य डॉ, बृजेश सिंह को लिखित रुप में वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया था। इसके बाद भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार शुक्ला का कहना है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मीटिंग में मैंने सभी प्रधानाचार्यो से समस्याओं के बारे में पूछा था परंतु मुझे किसी ने ऐसी बात नहीं बताई। जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।