जिले में सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जे का कोई आंकड़ा जिला प्रशासन के पास नहीं है। इस तरह यह बताना मुश्किल है कि जिले में कितनी भूमि पर अवैध कब्जा है। उधर जिला प्रशासन द्वारा प्रतिमाह क्लस्टर बनाकर श्रावस्ती पैटर्न पर अवैध कब्जा हटवाया जा रहा है। इस तरह 742 के मुकाबले 731 शिकायतों का निस्तारण हुआ है। सबसे अधिक सदर तहसील में 196 शिकायतें आई हैं।
जिला प्रशासन द्वारा गांवों में सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जे का चिन्हांकन किया जाता है। तहसील स्तर पर उसका क्लस्टर बनाया जाता है। इसके बाद टीमों का गठन किया जाता है। जिसमें पुलिस व लेखपाल सहित अन्य राजस्व के लोग रहते हैं। उनके द्वारा गांव में बैठक करने के बाद कब्जा हटवाने का कार्य किया जाता है। विभागीय आंकड़े पर गौर करें तो 731 शिकायतों को निस्तारित कराया गया है। अभी भी 11 शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है। जिसमें सदर तहसील में 196 के मुकाबले दो शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका है। इसी प्रकार मड़ियाहूं तहसील में 106 के मुकाबल दो शिकायतें, मछलीशहर तहसील में 94 के मुकाबले तीन शिकायतें, केराकत तहसील में 114 के मुकाबले चार शिकायत निस्तारित होना बाकी है। जबकि शाहगंज तहसील में आए 151 शिकायतों व बदलापुर तहसील में आए 81 शिकायतों में से सभी निस्तारित हैं।
इनसेट:
251 गांव विवाद रहित
जौनपुर। श्रावस्ती पैटर्न पर मुकदमे के विवाद को छोड़कर शेष विवादों को निपटा कर अब तक 251 गांवों को विवाद रहित गांव कराया गया है। जिसमें सदर तहसील में 62,मड़ियाहूं तहसील में 38,मछलीशहर तहसील में 35, शाहगंज तहसील में 48, केराकत तहसील में 31 व बदलापुर तहसील में 29 गांवों को विवाद रहित किया गया है।
कोट:
सार्वजनिक भूमि पर हुए अवैध कब्जा व हटाए गए कब्जे का कोई आंकड़ा नहीं है। लेखपालों से जांच कराकर क्लस्टर बनवाया जाता है। इसके बाद टीमों का गठन श्रावस्ती माडल पर विवाद हल कराने व अवैध कब्जा हटवाने का कार्य किया जा रहा है।
आरपी मिश्र
एडीएम वित्त व राजस्व