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...आखिर किसके शह पर थाने के बगल में बन गई दुकानें

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जौनपुर। एक तरफ शासन के निर्देश पर सरकारी जमीन पर बसे गरीबों की झोपड़ी उजाड़ी जा रही है वहीं दूसरी तरफ बदलापुर में थाने के ठीक बगल में पीडब्लूडी की जमीन पर अधिकारियों और पुलिस की शह पर दुकानों का निर्माण करा लिया। कमिश्नर के निर्देश के बाद भी दुकानों पर बुलडोजर नहीं चल सका है। डीएम ने पूरे मामले में जांच बैठाने की बात कही है।
बदलापुर थाने से सटी पीडब्लूडी की जमीन है। इस पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया था। वर्ष 1993 में तत्कालीन डीएम ने अतिक्रमण हटवा दिया था। कुछ दिन बाद ठेला-खोमचा लगाया जाने लगा। वर्ष 2016 में बदलापुर की सड़क चौड़ी होने लगी तबतत्कालीन एसडीएम ममता मालवीय ने अतिक्रमण हटवा दिया। इसके खिलाफ कुछ दुकानदारों ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने डीएम को मामला निस्तारित करने का निर्देश दिया। तत्कालीन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने जांच कराई और अतिक्रमण हटवा दिया। फिर भूमाफिया की नजर इस जमीन पर पड़ गई। उन्होंने पक्की दुकानों का निर्माण करा लिया। लोगों ने एसडीएम से लेकर कमिश्नर तक गुहार लगाई। एक जनप्रतिनिधि के कहने पर कमिश्नर ने मामले का संज्ञान लिया और उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व को जांचकर कराकर कार्रवाई करने को कहा। रविवार को लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता जयप्रकाश नारायण, अवर अभियंता ललित कुमार की मौजूदगी में कानूनगो चंद्रेज यादव, लेखपाल अजय कुमार पांडेय तथा लेखपाल जनार्दन मिश्र ने निर्माणाधीन मकान की जमीन की पैमाइश की। जांच रिपोर्ट में कहा कि लोक निर्माण विभाग के सड़क खाते की जमीन पर निर्माण हो रहा है। एडीएम के कहने पर तहसीलदार चंद्रशेखर यादव ने मौके पर निर्माण कार्य रोकवा दिया और रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी। मगर अभी अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
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निर्माण पीडब्लूडी के सड़क की जमीन पर हो रहा था। कमिश्नर के निर्देश पर जांच कराकर निर्माण कार्य रोकवा दिया गया है। इसमें एसडीएम और एसओ की भूमिका संदिग्ध है। पूरे मामले से डीएम को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।-रमेश चंद्र मिश्र, एडीएम
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