जौनपुर। गांवों में कचरा पसरा हुआ है और सफाई कर्मचारी साहब की गाड़ियां चला रहे हैं। तमाम सफाई कर्मचारी गांवों में झाड़ू लगाने के बजाय अफसरों की चाकरी करने में लगे हैं। कई बार मामला उठने के बाद भी इन्हें वापस नहीं बुलाया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में 17 सफाई कर्मचारियों को संबद्ध किया गया है। कुछ कंप्यूटर चलाते है तो कुछ डाक ले जाते है और कुछ अफसरों की चाकरी करते है।
जिले के 3386 राजस्व गांवों की तुलना में 3340 सफाईकर्मी तैनात हैं। 46 गांवों में कोई भी सफाईकर्मी नहीं होने के बावजूद भी 30 सफाईकर्मियों से अफसर अपने घरेलू काम करा रहे हैं। उनको विभिन्न विभागों से संबद्ध किया गया है। वैसे भी अधिकतर सफाईकर्मी गांवों में नहीं जाते हैं जिससे गांवों की सफाई व्यवस्था न केवल चौपट हो गई है। बल्कि पीएम मोदी का स्वच्छ भारत अभियान अपने मकसद में कामयाब नहीं हो रहा है। अफसर अपने आला अधिकारियों को खुश करने के लिए उनके यहां भी सफाई कर्मचारियों को भेज दिए हैं। और तो और पंचायत राज विभाग के अफसरों के घर भी सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं।
कोट:
सभी सफाई कर्मचारियों को राजस्व गावों में तैनात करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रत्येक राजस्व गांवों में सफाई कर्मचारी की तैनाती करने के लिए जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनकी तैनाती कर दी जाएगी। कोई भी सफाई कर्मचारी दूसरी जगह तैनात नहीं रहेगा।
सुधीर कुमार श्रीवास्तव
जिला पंचायत राज अधिकारी