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इंसानियत को रास्ता दिखाएगी हुसैन की कुर्बानी : मौलाना कमर

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जौनपुर। जमीने मुबारक कदम रसूल छोटी लाइन इमाम बारगाह भंडारी स्टेशन के समीप रविवार को हिंदू, मुस्लिम एकता के प्रतीक शिया पंजतनी कमेटी के तत्वावधान में 20 वां आल इण्डिया मजलिसे अजा, जुलूस का आयोजन हुआ। मजलिस में देश के मशहूर मौलाना कमर सुल्तान दिल्ली ने कहा कि ईमाम हुसैन अ.स. की कर्बला के मैदान में दी गई कुर्बानी दुनियां को हमेशा मानवता का रास्ता दिखाता रहेगा। न सिर्फ उन्हें याद किया जाएगा बल्कि इंसानियत के लिए दर्स देने का काम करती रहेगी। दुनियां में कुर्बानियां तो बहुत दी गई लेकिन ऐसी कुर्बानी किसी भी धर्म के इतिहास में नहीं मिलती। मौलाना एजाज हसनैन करारवी व मौलाना मोहम्मद हुसैनी मुज्जफर नगर ने कहा कि कर्बला के मैदान में बुजुर्ग से लेकर जवान और बच्चे तक के साथ इस हद तक बर्बरता की गई कि किसी भी सदी में जब यह दास्तां बयां की जाएगी तो जिस इंसान के सीने में दिल होगा उसकी आंखें जरुर छलक उठेंगी। मौलाना कुमैल अब्वास अकबरपुर ने कहा कि इमाम हुसैन अ.स. के चाहने वालों को चाहिए कि उनके संदेश से ऐसी जागरुकता पैदा करें कि इंसान के दिलों की आंखें रोशन हो जाए। मजलिस का आगाज तिलावते कलाम-ए-पाक से मौलाना शेख हसन जाफर ने किया। सोजख्वानी मरहूम मो. मुस्लिम के हमनवां ने किया। पेशखानी मशहूर शायर, आसिफ बिजनौरी, सलमान बिजनौरी, रेयाज मोहसिन बड़ागांवी, डा.शोहरत जौनपुरी, हसन फतेहपुरी, जरगाम सैदनपुरी, इरफान जौनपुरी, वहदत जौनपुरी, नातिक गाजीपुरी, मेंहदी जैदी, जावेद जौनपुरी, जमीर जौनपुरी, मिन्हाल जौनपुरी अपने कलाम पेश कर कर्बला के शहीदों को नजराने अकीदत पेश किया। अलविदाई मजलिस मौलाना कमर सुल्तान दिल्ली ने खेताब करते हुए बताया कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं हैं। क्योंकि इस्लाम ने हमेशा अपना खून बहाकर इसे परवान चढ़ाया है। इतिहास गवाह हैं कि हजरत मोहम्मद साहब, उनके नवासों ने अपना लहू देना गवारा समझा और इसके लिए सर कटाने से भी पीछे नहीं हटें। जुलूस में रियाज मोहसिन, नेहाल हैदर, सै. शहंशाह आब्दी, एजाज हुसैन, कैफी रिजवी, मो. अब्बास, रियाजुल हक प्रधान, मोहम्मद उबैद, नयाब हसन सोनू, हसन जाहिद खां बाबू, रूमी आब्दी, डा. मिर्जा मेहर अब्बास, फैसल हसन तबरेज, हसन जाहिद खान बाबू, शम्सी आजाद, आजम आदि मौजूद थे। संचालन डा. इंतेजार मेहदी व मौलाना शेख हसन जाफर ने किया।
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