जौनपुर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रो. एचपी माथुर ने कहा कि बदलते परिवेश में टीम लीडरशिप का विशेष महत्व है। लीडर को कार्य एवं संबंध दोनों को प्राथमिकता देनी चाहिए चाहिए। सफल नेतृत्वकर्ता को पहले परिस्थिति का आकलन करना चाहिए और उसके अनुरूप योजना बनानी चाहिे। वह पूविवि के नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन विश्वेश्वरैया सभागार में उन्होंने छात्रों को प्रभावी नेतृत्व एवं रणनीति पर चर्चा कर रहे थे।
व्यवसाय प्रबंध विभाग एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तीसरे दिन उन्होंने नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं से छात्रों को परिचित कराया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रो. परवेज तालीब ने शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पाने के लिए की जाने वाली तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थानों में आपसी भेदभाव व संघर्ष हर समस्या की जड़ है। नेतृत्व करने वालों में ऐसा गुण होना चाहिए कि वह टीम के सदस्यों के बीच वैमनस्य को दूर कर सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा कर सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में तीसरे दिन प्रतिभागियों के लिए मैनेजमेंट गेम का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षकों ने प्रतिभाग कर अपने विचार रखें। इसमें प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डा. मो. सलमान अंसारी, डा. मुक्ता राजे, डा. वंदना दुबे, डा. राहुल सिंह, डा. अनुपम शुक्ला शामिल थे। समन्वयक डा. मुराद अली ने संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. सुशील सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. वंदना राय, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, डा. सतेंद्र सिंह, डा. पुष्पा सिंह, डा. संतोष कुमार, डा. मनोज मिश्रा, डा. दिग्विजय सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।