बक्शा। ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद गहराता जा रहा है। 24 घंटे के भीतर बीडीसी सदस्यों के मारने पीटने और धमकाने के आरोप में पुलिस ने तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव को पांच फरवरी को बहुमत साबित करना है। ब्लाक प्रमुख और उनके समर्थक जहां कुर्सी बचाने के लिए बीडीसी सदस्यों के घर जाकर उन्हें अपने पक्ष में करने की जुगत लगा रहे हैं वहीं विपक्ष के लोग किसी भी हाल में ब्लाक प्रमुख को कुर्सी से बेदखल करने करने लिए बीडीसी सदस्यों के यहां हाजिरी लगा रहे हैं। मंगलवार को लखनीपुर गांव की बीडीसी सदस्य लवंगी देवी के घर पहुंचे विपक्ष के बीडीसी सदस्य सजल सिंह से विवाद हो गया। आरोप है कि बीडीसी सदस्य का बेटे ने उनकी गाड़ी में बैठने से इनकार किया तो उसकी पिटाई कर दी गई। उसकी तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार की शाम को ही पूर्व प्रमुख जय प्रकाश सिंह, बीडीसी सदस्य सजल सिंह और फौजदार सिंह के खिलाफ मारपीट व दलित उत्पीड़न का केस दर्ज किया था। बुधवार को महराजगंज थाना क्षेत्र के मरगूपुर निवासी संदीप कुमार सिंह ने बक्शा थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा है कि बुधवार की शाम नौपेड़वा बाजार के पास ब्लाक प्रमुख रंजीत यादव के समर्थक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य महेंद्र कुमार यादव व उनके भाई मनोज कुमार यादव ने दो अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनकी पिटाई कर दी। पुलिस ने महेंद्र और मनोज के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है। इसके पूर्व मंगलवार की रात में ही लाइनबाजार थाना क्षेत्र के परियावां निवासी संतोष सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि मरगूपुर निवासी शुभम सिंह के साथ वह लखनीपुर निवासी बीडीसी सदस्य लवांगी देवी के घर गए थे। जहां बेलापार निवासी महेंद्र यादव, मनोज यादव एवं लखनीपुर निवासी रवि कुमार ने एक अज्ञात युवक संग उनके साथ गालीगलौज की और उनकी कार क्षतिग्रस्त कर दी। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
उधर, लखनीपुर गांव की बीडीसी सदस्य लवांगी देवी और उसके बेटे रवि कुमार गौतम के साथ ग्रामीणों ने एसपी को पत्रक सौंपकर लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट की मामूली धारा में केस दर्ज किया है जबकि उनके घर चारपहिया वाहन से पहुंचे लोगों ने कनपटी पर बंदूक सटा दी थी और जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस पर आरोपियों का बचाव किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की।