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अधर में पड़ा है शहर से सटे रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव

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जौनपुर। साढ़े चार सौ साल पुराना शाही पुल वाहनों के दबाव के चलते खतरे में है। महज चार किलोमीटर लंबी सड़क और एक पुल बनाकर शाही पुल को महफूज रखने के साथ-साथ शहर को जाम से मुक्ति दिलाई जा सकती है। लोक निर्माण विभाग ने रिंग रोड का प्रस्ताव डेढ़ साल पहले शासन को भेजा था लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई है। प्रस्ताव के मुताबिक कलीचाबाद से कुतूपुर के बीच रिंग रोड बना देने पर मिर्जापुर, भदोही, इलाहाबाद से आजमगढ़ फैजाबाद और शाहगंज की ओर जाने वाले वाहनों का शहर में प्रवेश रुक जाएगा।
दुद्धी-लुम्बिनी मार्ग का निर्माण चल रहा है। यह सड़क पॉलिटेक्निक चौराहे से बेलवाई शाहगंज तक तकरीबन 140 करोड़ की लागत से सड़क बनाई जा रही है। पॉलिटेक्निक से शकरमंडी तक की सड़क काफी संकरी है। इस पर भारी वाहन तो दूर छोटे वाहनों के चालक भी जाम की वजह से नहीं जाना चाहते। दुद्धी-लुम्बिनी मार्ग शाहीपुल से ही गुजरता है जो 1564 में बनवाया गया था। यह पुल जौनपुर की पहचान और वास्तु कला का सुंदर नमूना है। पर इसकी हालत अब भारी वाहनों के गुजरने लायक नहीं हैं। तकरीबन डेढ़ साल पहले अतिक्रमण हटना शुरू हुआ तो लोगों ने शाही पुल से दुद्धी-लुम्बिनी मार्ग को जोड़ने का विरोध किया था। मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने लोक निर्माण विभाग से रिंग रोड का प्रस्ताव तैयार कराया था। कचीलाबाद से कुत्तूपुर तक तकरीबन चार किमी सड़क और सेतु का प्रस्ताव तैयार कर लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने शासन को भजा था लेकिन अब तक योजना को मंजूरी नहीं मिली। लोगों का कहना है कि रिंग रोड बनने के बाद शहर को जाम से राहत मिल जाएगी। इलाहाबाद, मिर्जापुर, भदोही से आने वाले वाहन आसानी से शाहगंज होते हुए आजमगढ़, फैजाबाद, गोरखपुर जा सकेंगे।
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नहीं है कोई शहर में बाईपास
जौनपुर। शहर की आबादी तकरीबन तीन लाख है और यह चारों तरफ से रेलवे लाइन से घिरा है। ऐसे में तमाम वाहन शहर के बीचोबीच से गुजरते हैं। इसे जाम लगता है। शहर में कोई फ्लाई ओवर नहीं है और न ही बाईपास। एक ओवरब्रिज स्वीकृत हुआ है। शहर को जाम से निजात दिलाने और शाही पुल को बचाने के प्रयास कम ही हुए हैं। लुम्बिनी-दुद्घी मार्ग के लिए बाईपास बनने पर शहर के पांच हजार लोग उजड़ने से बच जाएंगे।
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शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और शाही पुल को देखते हुए तकरीबन डेढ साल पहले कलीचाबाद से कुत्तूपुर तक रिंग रोड गोमती नदी होते हुए बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अभी वित्तीय मंजूरी नहीं मिली है। इसमें गोमती नदी पर पुल का निर्माण भी होना है।-केजी सारस्वत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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