जौनपुर। योग भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है जिसके क्रियात्मक और सैद्धांतिक प्रशिक्षणों का नियमित और निरनंतर अभ्यास करके एक शिक्षक स्वयं के साथ- साथ अपनें विद्यार्थियों को भी हर पल स्वस्थ और खुशहाल रख सकता है। साथ ही उनमें निहित अंतर्शक्तियों का पूर्णतय: विकास कर सकता है। उक्त बातें प्राचार्य डा. एमएस कुशवाहा ने बुधवार को गणतंत्र पर होने वाले विशेष ध्यान योग प्रशिक्षण शिविर की तैयारी के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में पांच दिवसीय योग शिविर के शुभारंभ करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि योग के क्रियात्मक और सैद्धांतिक प्रशिक्षणों को प्रांतीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति और प्रशिक्षक डा. ध्रुवराज योगी द्वारा कराया जा रहा है। जिसमें छात्र व अध्यापकों को बालकों की शारीरिक और मानसिक क्षमता के अनुरूप विभिन्न प्रकार के सरल और जटिल आसनों,योगिंग जागिंग,सूर्य नमस्कार,भस्त्रिका,कपालभांति,वाह्य प्राणायाम,अनुलोम-विलोम,भ्रामरी,उद्दगीथ प्राणायामों, ध्यान और योगनिद्रा सहित खड़े,बैठकर और लेटकर आदि आसनों को बताया जाएगा। इस मौके पर डा. कल्पना मेहरोत्रा,डा. आरएन यादव,डा. रेनु पाल,डा. गायत्री,डा. अनीता मौर्य,डा. ब्रह्म प्रकाश सिंह,डा. शैलेश कुमार,डा. अक्सीर फातिमा व उदय नारायण यादव आदि उपस्थित रहे।