सिकरारा। क्षेत्र के अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद पर बुधवार को एनसीइआरटी का तीन सदस्यीय दल विद्यालय के भौतिक तथा एकेडमिक परिवेश का पर्यवेक्षण किया। टीम के सदस्यों ने बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर उसे मित्रवत व्यवहार के साथ तराशने तथा उनमे गणित व विज्ञान विषय के प्रति अभिरुचि पैदा करने तकनीक पर चर्चा की। टीम के वरिष्ठ सदस्य तथा परिषद के गणित विषय के विशेषज्ञ प्रो. आशुतोष बझरवाल ने शिक्षकों की काउंसलिग के दौरान बताया कि यह जरूरी नहीं है कि आप गणित में मास्टर डिग्री लिए हों तभी बेहतर गणित पढ़ा पाएंगे। इसके लिए आपकी विषय के प्रति उत्सुकता व समर्पण होना अधिक महत्वपूर्ण है। आपकी शिक्षण शैली भी इसकी आवश्यक उपलब्धि होती है। परिषद के विज्ञान विषय विशेषज्ञ डा. एके श्रीवास्तव ने बच्चों के साथ विज्ञानं प्रयोगशाला में पहुँच कर वहां के संयंत्रों के बारे में सवाल पूछा। कुछ ने रोचक जवाब दिया तो कुछ अटक गए। उन्होंने विज्ञान शिक्षिका को सलाह दिया कि विज्ञान किट के सारे उपकरण बच्चों के सामने रखें तथा उन पर चर्चा परिचर्चा करें। बीएचयू के डा. विनोद कुमार सिंह ने कक्षा शिक्षण का पर्यवेक्षण करते हुए फ्रेंडली चाइल्ड की थीम को विकसित करने की सलाह दिया। भौतिक परिवेश साज सज्जा, बागवानी, साफ़ सफाई पर प्रसन्नता जाहिर की। लगभग 3 घण्टे तक विद्यालय प्रवास के दौरान परिषद के सदस्यों ने इस बात पर भी ख़ुशी जाहिर किया कि छुट्टी घोषित होने बावजूद बच्चो की उपस्थिति ठीक रही। वीरेन्द्र प्रताप का बेलन शीर्षक का आदर्श पाठ तथा चन्द्रा यादव के गणित विषय में वर्ग का मॉडल लेसन का प्रस्तुतीकरण भी देखा। मौके पर आईयूसीटीइ के समन्वयक सतीश चंद्र मौर्य, सुनील कुमार सिंह, माधुरी जायसवाल, चन्द्रा यादव आदि मौजूद रहीं।