जौनपुर। सार्वजनिक भूमि किसने अवैध कब्जा कर रखा है। इसका फैसला अब गांव की पंचायत में होगा और उसके तुरंत बाद उसे हटवा दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने का नया तरीका अख्तियार किया है। उम्मीद है कि ऐसा होने पर किसी को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा और न ही विवाद होगा। सभी उप जिलाधिकारियों को इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत में अवैध कब्जे की जगह को तय करने के बाद उसे हटाया जाए। इसके साथ ही अतिक्रमण के हाल और उसे हटाने के बाद की फोटो भी उन्हें भेजी जाए। जिले में अवैध कब्जों की कुल 1546 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें जांच में 85 शिकायतें गलत पाई गईं। इसके अलावा 185 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। प्रशासन ने 419 अतिक्रमण हटाए हैं। करीब 68.5 हेक्टेयर भूमि खाली कराई गई है और 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गा है। हालांकि इसमें भेदभाव के भी आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप लगाए जा रहे थे कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में लेखपालों और ग्राम प्रधानों की मिलीभगत से भेदभाव किया जा रहा है। ग्राम प्रधान अपने विरोधियों का अतिक्रमण हटवा रहे हैं। डीएम अरविंद मल्लपा बंगारी ने चौपाल लगाकर कुछ गांवों में खुद अतिक्रमण हटवाया। उसको अब पूरे जिले में लागू कर दिया है। जिलाधिकारी का कहना है कि सप्ताह में दो दिन अतिक्रमण हटाने के लिए चौपाल लगाई जाएगी। इसके लिए कई गांवोंमें चौपाल की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। चौपाल में ग्रामीणों से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की बाबत पूछा जाएगा और लेखपाल और ग्राम प्रधान की साजिश से को कब्जे रह गए उन्हें भी हटा दिया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने में पिछड़ गया सदर तहसील
शिकायतों पर गौर किया जाय तो केराकत में 198, बदलापुर में 305, मछलीशहर में 208, मड़ियाहूं में 406, शाहगंज में 252, सदर में 172 शिकायतें प्राप्त हुई है। इसमें केराकत में 54, बदलापुर 77, मछलीशहर में 21, मड़ियाहूं में 2, शाहगंज में 20, सदर में 5 वाद दर्ज कराए गए हैं। सबसे अधिक मामले मड़ियाहूं में निस्तारित हुए हैं। दूसरे में नंबर पर बदलापुर और शाहगंज है। इसमें 419 लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है जिसमें सबसे अधिक शाहगंज में 136 लोगों पर, केराकत में 62, बदलापुर में 26, मछलीशहर 69, मड़ियाहूं में 74 और सदर में 52 अतिक्रमण हटाकर विधिक कार्रवाई की गई है।