मछलीशहर। माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा की बैठक में मानदेय रोकने तके विरोध में कक्ष निरीक्षण और मूल्यांकन के काम से विरत रहने का निर्णय लिया गया। तय किया गया 24 जनवरी को जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर इस निर्णय से अवगत कराया जाएगा।
अमरशैल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मछलीशहर में रविवार को हुई बैठक में प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वित्त विहीन शिक्षकों का अकारण ही मानदेय बंद कर दिया गया है। कई वर्षों से बोर्ड की परीक्षा के कक्ष निरीक्षण का पारिश्रमिक का भी नहीं मिला है। वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा नियमावली पर प्रदेश सरकार बार- बार झूठा आश्वासन दे रही है। केंद्र निर्धारण नीति में भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया गया है। राजकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों को वरीयता दी गई जबकि वित्त विहीन विद्यालयों को तीसरे दर्जे पर रखा गया। बोर्ड परीक्षा की बाबत प्रदेश सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है, जिससे शिक्षक खासे भयभीत हैं। इन मुद्दों पर 24 जनवरी को जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देने और समस्याओं का समाधान नहीं करने पर बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षण व उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का बहिष्कार का निर्णय लिया गया। श्यामधर मिश्र, नंहकऊ गुप्ता, जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र, जिला महामंत्री शरद कुमार सिंह, विकास सिंह,रमेश सिंह,जय प्रकाश यादव, मनीष यादव,जंग बहादुर यादव,लल्लन मौर्य, प्रकाश चंद पाल, अमित दूबे, अंकुर दूबे आदि मौजूद रहे।