जौनपुर। शादी, पार्टियों, धार्मिक स्थलों पर बगैर अनुमति के लाउड स्पीकर बजने पर रोक के बाद भी पुलिस प्रशासन अभी कार्रवाई के मोड में नहीं आ सका है। शहर से लेकर गांव तक अभी भी तमाम स्थानों पर बगैर अनुमति लाउडस्पीकर बज रहे हैं। मंदिर, मस्जिद, स्कूल और दावतों में मनाही के बावजूद भी लाउडस्पीकर और डीजे बज रहा है। अनुमति लेने की आखिरी तारीख 15 जनवरी बीत गई लेकिन अभी तक जिले में महज 400 लोगों को अनुमति मिल सकी है। हालांकि लाउड स्पीकर के लिए जिले भर से 1520 लोगों ने आवेदन किया है।
जिले में अधिकतर जगहों पर बिना परमिशन के ही लाउड स्पीकर तेज आवाज में बज रहा है। जबकि स्कूल, अस्पताल वाले क्षेत्र में परमिशन के बाद भी धीमे आवाज में लाउड स्पीकर बजाने का निर्देश है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बना दी गई है। टीम यह पता करेगी कि कहां बगैर अनुमति लाउडस्पीकर बज रहा है। अगर कहीं बिना अनुमति के लाउड स्पीकर बजते पाया गया तो ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) अधिनियम 2000 के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर पांच साल तक कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है। रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी। शादी विवाह या अन्य समारोह में डीजे बजाने के लिए भी अनुमति लेनी होगी। 15 जनवरी के बाद से ही इसपर कार्रवाई करनी है लेकिन हालात यह है कि अभी भी बिना अनुमति के ही जिले भर में लाउड स्पीकर बेरोकटोक बज रहे है। शहर से लेकर गांव तक जन्मदिन पार्टी में डीजे बजाया जा रहा लेकिन प्रशासन अभी तक कार्रवाई की मोड में नहीं आ सका है।
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव का कहना है कि किसी भी आयोजन में जैसे लाउडस्पीकर और डीजे का इस्तेमाल होता था। आज भी हो रहा है। उस पर कोई रोक नहीं लगी है। संजय उपाध्याय का कहना है कि गली-मुहल्लों में छोटे-छोटे आयोजनों में भी मनमाने तरीके से जोर-जोर से संगीत बजा रहे हैं। प्रशासन शिकायत का इंतजार कर रहे है जबकि उसे स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।
सुप्रिम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस की टीम गठित कर दी गई है। अभी किसी ने बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने की शिकायत नहीं की है। अगर किसी ने नियम को तोड़ा तो कार्रवाई की जाएगी।
केके चौधरी,एसपी