जौनपुर। बढ़ी विद्युत दरों को वापस लेने की मांग को लेकर अपना दल द्वारा बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया । इस दौरान विद्युत की बढ़ी दरों को वापस लेने, गन्ने का भुगतान अविलंब कराने, छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा करने व किसान मित्रों को अविलंब बहाल करने आदि मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। साथ ही राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय पत्रक जिलाधिकारी को सौपा।
जिलाध्यक्ष सुनील पटेल ने कहा कि विद्युत दरों में बढ़ोत्तरी किया जाना भाजपा सरकार की बेईमानी दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत दरों में की गई बेतहाशा बढ़ोत्तरी सरकार का किसान के प्रति उदासीनता का नतीजा है। केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। संकल्प पत्र के माध्यम से बिजली, पानी व सड़क जैसी सुविधाओं पर वोट मांगने वाली भाजपा सरकार जनता से वादा खिलाफी व धोखा कर रही है। जिसको अपना दल बर्दाश्त नहीं करेगा। अनिल पटेल ने कहा कि नियामक आयोग संवैधानिक संस्था है, जो पावर कारपोरेशन प्रबंधक के दबाव में काम कर रहा है। 13 फीसदी बिजली महंगी होने से उपभोक्ताओं को एक और मंहगाई के दौर से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में दरें दो गुनी होने से ग्रामीण क्षेत्र की जनता पर अतिरिक्त मंहगाई का बोझ पड़ेगा। सरकार पहले ही आम आदमियों की कमर मोड़ दी है। सरकार द्वारा नोट बंदी व जीएसटी लागू कर किसानों को आत्म हत्या के लिए विवश कर दिया गया गया। धरने में चितबहाल पटेल, अनिल पटेल, श्यामधारी पटेल, डा.अरविंद पटेल, बसंता, रामलाल पटेल, ज्ञानचंद्र पाल, मिठाईलाल पटेल, अर्जून पटेल व तेजलाल पटेल आदि उपस्थित रहे।