जौनपुर। जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती महिला प्रसव पीड़ा से छटपटाती रही लेकिन स्टाफ नर्स उसे नजरअंदाज करती रहीं। असहनीय दर्द से परेशान महिला खुद बेड से उठकर बरामदे में पहुंच गई, जहां फर्श पर ही उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई। आननफानन में महिला को बेड पर ले जाया गया। महिला के ससुर ने सीएमओ और अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
केराकत के सर्की गांव निवासी महेंद्र यादव की पत्नी अंतिमा यादव को प्रसव पीड़ा होने पर 13 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अंतिमा के ससुर लालता प्रसाद यादव का आरोप है कि सोमवार की आधी रात के बाद से ही बहू को प्रसव पीड़ा हो रही थी। इसकी जानकारी स्टाफ नर्स को दी गई तो उसने यह कहते हुए टाल दिया कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है। समय पूरा होगा तो वह खुद उसे प्रसव कक्ष में लेजाएगी। आधी रात से लेकर दिन के दो बजे तक कई बार उसे असहनीय पीड़ा होने की शिकायत ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों से की गई लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दोपहर मे ंकरीब ढाई बजे जब पीड़ा बर्दाश्त के बाहर होगई तो अंतिमा खुद बेड से उठकर बरामदे की तरफ चली गई। वह बरामदे में पहुंची थी तभी फर्श पर ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। इसकी जानकारी होते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। लेकिन ऐसा है तो सीएमएस महिला को कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा।