जौनपुर। स्वामी विवेकानंद जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से जुड़े आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर के सभी महाविद्यालयों की राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं को सुबह 11 बजे ही बुला लिया गया था। जो शाम साढ़े 4 बजे तक खुले मैदान में ठंड से ठिठुरती रही। छात्राओं के लिए बाथरूम जैसे आवश्यक संसाधन का भी इंतजाम नहीं किया गया था। दावा तो कुलपति ने 50 हजार युवाओं को जुटाने का किया था लेकिन देखा जाय तो महज 10 हजार भी लोग नहीं आए। आसपास के ग्रामीणों ने समारोह की इज्जत योगी की सभा में आकर बचा लिया। भीड़ नहीं आने से कुर्सियां खाली की खाली रह गई।
युवा महोत्सव को लेकर तैयारियां बड़ी जोरों से की गई थी। कुलपति प्रो. राजाराम यादव जिस तरीके से समारोह को ऐतिहासिक बनाना चाहते थे। वैसा चाह कर भी नहीं बना सके। इसके पीछे उनके मातहतों का हाथ खींच लेना भी एक कारण है। यही कारण है कि मंच से लेकर सभा स्थल पर अव्यवस्था रही। संचालन के लिए डा. मनोज मिश्र को जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन कई लोग दही में मूसर जैसेी बार-बार माइक पकड़कर अपने को प्रदर्शित करने में लगे थे। कुलपति के पीए भी अपनी फोटो खिंचवाने में ही मंच के सामने बार-बार आतेरहेॲ