बदलापुर/घनश्यामपुर। बदलापुर तहसील के एसडीएम के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बुधवार को तहसील के अधिवक्ताओं ने हंगामा किया। एसडीएम विजय शंकर तिवारी के आवास में तालाबंदी कर उन्हें बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंचे विधायक रमेश मिश्र ने समझाबुझाकर एसडीएम को मुक्त कराया।
महराजगंज थाने की पुलिस ने क्षेत्र के दिलशादपुर गांव निवासी शिवराम, रामजनम, रामलखन मौर्य और सवंशा निवासी अजय कुमार और आशीष कुमार को शांति भंग के आरोप में चालान भेजा था। आरोप है कि एसडीएम जमानत देने के नाम पर अपने अहलमद के माध्यम से रुपये की डिमांड कर रहे थे। रुपये न देने पर सभी को जेल भेजने की चेतावनी दी। इसी बात पर अधिवक्ता भड़क उठे। एसडीएम कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्रित हो गए और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। यह देख जमानत पर सुनवाई पूरी किए बिना ही एसडीएम कोर्ट से निकल कर अपने आवास पर चले गए। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह के साथ पूर्व अध्यक्ष हीरालाल यादव, ज्ञानेंद्र सिंह, राजेंद्र तिवारी, पवन कुमार, हरीलाल पाल , पीटर सिंह, लालता प्रसाद समेत सैकड़ों अधिवक्ता करीब तीन बजे एसडीएम के आवास पर पहुंच गए और मकान में बाहर से ताला लगा दिया। सूचना पर विधायक रमेश मिश्र मौके पर पहुंचे । उन्होंने अधिवक्ताओं से पूरे मामले की जानकारी ली और उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। विधायक ने एसडीएम को भी खूब खरी खोटी सुनाई । कहा कि इसके पहले भी उन्हें एसडीएम की कई शिकायतें मिल चुकी हैं। एसडीएम के खिलाफ प्रमुख सचिव से शिकायत करने का भरोसा अधिवक्ताओं को दिया। करीब साढ़े पांच बजे अधिवक्ता शांत हुए और एसडीएम के आवास का ताला खोलकर उन्हें मुक्त किया। बाद में एसडीएम ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी। उप जिलाधकारी विजय शंकर तिवारी का कहना है कि अधिवक्ता दबाव बनाकर अनुचित काम कराना चाहते हैं। यह मेरे साथ ही नहीं है, पहले भी अधिकारियों के साथ ऐसा हो चुका है। उनके अमर्यादित आचरण से मैं दुखी हूं।