जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्नातक की परीक्षा सोमवार को आधी अधूरी तैयारी के बीच शुरू हो गई। पहले दिन परीक्षा में उड़ाका दल की टीम नहीं निकली। मुख्य परीक्षा के लिए आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर और इलाहाबाद में कुल 705 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 4 लाख 85 हजार छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।
पहले दिन पहली पाली में बीए प्रथम वर्ष संस्कृत, अरबी, फारसी और दूसरी पाली में बीए तृतीय वर्ष उर्दू की परीक्षाएं हुई। दूसरी पाली में बीएससी भाग दो कंप्यूटर अप्लीकेशन और बीए भाग दो उर्दू विषय की परीक्षा कराई गई। इन विषयों में छात्रों की संख्या कम होने के कारण किसी केंद्र पर एक कमरे में तो किसी केंद्र दो कमरों में परीक्षा कराई गई। किसी केंद्र पर दो और तीन परीक्षार्थी शामिल हुए। 28 फरवरी को राष्ट्र गौरव और पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा होगी। यह पेपर सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होता है। कुछ छात्र प्रथम वर्ष तो कुछ छात्र दूसरे वर्ष में परीक्षा में शामिल होते हैं।
परीक्षा पर निगरानी के लिए उड़ाका दल का गठन कर दिया गया है। हर जिले में तीन-तीन टीमों को तैनात किया गया है। एक टीम स्ववित्तपोषित शिक्षकों की होगी और दो टीमें वित्तपोषित शिक्षकों की होगी। हर टीम में एक संयोजक के साथ तीन-तीन सदस्य हैं। जौनपुर की टीम को इलाहाबाद के एक परीक्षा केंद्र के निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पूविवि में बना परीक्षा नियंत्रण कक्ष
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के निगरानी के लिए प्रशासनिक भवन में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। पहली पाली में परीक्षा की निगरानी के लिए जगदंबा मिश्र के साथ चार लोग लगाए गए हैं। जबकि दूसरी पाली की परीक्षा की निगरानी के लिए सहायक परीक्षा अधीक्षक संजय सिंह के साथ चार अन्य लोगों को लगाया गया है।