जौनपुर। अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जा रहे खिलाड़ियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भुवनेश्वर जाने से रोकने का आरोप लगाते हुए शनिवार को पिछले वर्ष के भत्ते भुगतान, महिला सुरक्षा आदि को लेकर कुलपति कार्यालय पर धरना दिया।
महिला टीम की नमिता वर्मा, अराधना दूबे का आरोप है कि खिलाड़ी पिछले एक साल से अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए तैयारी कर रहे हैं लेकिन शनिवार को उन सभी प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए जाने से रोक दिया गया। खिलाड़ी कुलपति से मिलकर वार्ता करना चाहते थे लेकिन उन्हें कुलपति से नहीं मिलने दिया गया। खिलाड़ियों का आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारियों ने खिलाड़ियों की एक भी नहीं सुनी और उन्हें गेट पर काफी देर तक रोक दिया गया। जबकि पिछले वर्ष खिलाड़ियों ने विश्वविद्यालय के लिए मेडल भी जीता था। 28 नवम्बर को टीम का चयन हुआ था। खिलाड़ियों को अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जाना था लेकिन उन्हें जाने से रोक दिया गया। विश्वविद्यालय का खेल विभाग खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। शनिवार को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए महिला और पुरूष टीम को अनुमति नहीं दी गई जिसके चलते निराश खिलाड़ी वापस लौट गए।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव डा. शेखर सिंह ने कहा तीरंदाजी टीम का चयन अखिल भारतीय प्रतियोगिता के लिए किया गया था। खिलाड़ियों को 23 दिसंबर को भुवनेश्वर में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेना था। हमने सूची बनाकर खेल विभाग को सौंप दिया था। खेल विभाग ने टीम को क्यों नहीं भेजा। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।