जौनपुर। धनराशि उपलब्ध कराए जाने के बाद भी खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत नहीं होने से जिले के कई इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है। जिले में 996 हैंडपंप खराब पड़े हैं। सबसे अधिक बक्शा ब्लाक में 651 हैंडपंप बिगड़े हैं। इसकी शिकायत के बाद भी जिला पंचायत राज विभाग की ओर से इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कर पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को सौंपी है। इसके बाद भी सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। जिले में खराब पड़े सैकड़ों हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। जिले के 21 ब्लाकों में कुल 85135 इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगे हैं। जल निगम की ओर से जिला पंचायत राज कार्यालय को भेजी गई सूची में बताया गया था कि 5564 हैंडपंप खराब हैं जिसमें 1321 हैंडपंप रिबोर के लायक हैं। 4243 हैंडपंपों की अस्थाई खराब हैं। जिला पंचायत विभाग की ओर से अभी तक 5568 हैंडपंप ठीक कराए गए लेकिन 996 हैंडपंप अब भी बिगड़े पड़े हैं। इनमें 266 हैंडपंपों की रिबोरिंग होनी है और 730 हैंडपंप अस्थाई खराब हैं। सुजानगंज ब्लाक में पांच, मुफ्तीगंज में पांच, बरसठी में 14, करंजाकला में 15, शाहगंज में 12, जलालपुर में 33, केराकत में 14, डोभी में 30, सुईथाकला में दो, खुटहन में नौ, महराजगंज में चार, सिकरारा में 60,बदलापुर में 39, मडिय़ाहूं में 10, बक्शा में 651, मछलीशहर में 19, सिरकोनी में 20, धर्मापुर में पांच, रामनगर में 34 व रामपुर में 15 हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनकी मरम्मत अभी तक नहीं कराई जा सकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी सुधारी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बिगड़े हैंडपंपों को बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए सूची संबंधित ग्राम प्रधान को भेज दी गई है। साथ ही बिगड़े हैंडपपों को शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया है।