जौनपुर। घने कोहरे और गलन भरी ठंड से ठिठुरन बढ़ गई है। गुरुवार को सुबह 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने से जहां कई स्थानों पर दुर्घटनाएं हुई बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनें विलंबित होने के कारण यात्रियों को विभिन्न रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर ठिठुर कर घंटों गाड़ियों का इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा गलन भरी ठंड के चलते सार्वजनिक स्थानों पर लोग ठिठुरे नजर आए। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा।
जलवायु परिवर्तन के कारण इस साल ठंड विलंब से पड़नी शुरू हुई है। एक पखवारा पहले मौसम साफ अपेक्षाकृत साफ था और कोहरे का असर नहीं था। पिछले तीन दिनों से तापमान में आई गिरावट से ठंड में इजाफा हुआ है। दो दिनों से घना कोहरा छा रहा है जिससे दृश्यता कम हो गई है। बुधवार को घने कोहने के कारण दुर्घटना हुई। गुरुवार को दृश्यता कम होने के कारण नौ स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं में तीन लोगों ने जान गवांई। कोहरे के चलते लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। कोहरे के चलते लंबी दूरी की ट्रेन हिमगिरी एक्सप्रेस, मरूधर एक्सप्रेस, बेगमपुर एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें दो से तीन घंटे विलंब से चल रही हैं। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे स्टेशनों पर गलन भरी ठंड के बीच यात्रियों को प्लेटफार्म पर घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। यात्रा में सबसे अधिक महिलाओं और बच्चों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा बस स्टेशन पर भी सुबह और रात में यात्री ठिठुरे हुए नजर आ रहे हैं। स्टेशनों समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। स्कूल का समय सुबह से होने के कारण बच्चों को परेशानी हो रही है?
जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए गरीबों में बांटने के लिए जिले के छह तहसीलों में 6712 कंबल उपलब्ध कराया है। इनमें ढाई हजार कंबल बांटे जा चुके हैं। सौ स्थानों पर अलाव जल रहे हैं। चार स्थानों पर रैनबसेरा शुरू कर दिया गया है। तीन नगर पालिकाओं और छ: नगर पंचायतों की ओर से सौ स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन भंडारी, मछलीशहर, मड़ियाहूं और शाहगंज में रैनबसेरा खोल दिया गया है। इनमें 25-25 रजाई और गद्दे रखे गए हैं। प्रशासन ने सदर तहसील में 1212 कंबल और शाहगंज, बदलापुर, केराकत, मड़ियाहूं, मछलीशहर में 1100-1100 कंबल वितरण के लिए भेजा है।
एडीेेएम आरपी मिश्र ने बताया कि सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं। चार स्थानों पर रैनबसेरा शुरू कर दिया गया है। गरीबों में कंबल वितरण भी किया जा रहा है।