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सड़क खराब होने के चलते ठप हो गई रोडवेज बस सेवा

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जौनपुर। जिले की सबसे बड़ी तहसील में शुमार शाहगंज के लोगों को जिला मुख्यालय से वापस घर जाने के लिए शाम ढलते ही साधन की चिंता सताने लगती है। सड़क खराब होने के बहाने इस रोड की 10 से अधिक बसों की सेवा बंद कर दी गई है। रात्रि सेवा की मुंगलसराय फैजाबाद पसेंजर ट्रेन और वाराणसी बरेली एक्सप्रेस की सेवा निरस्त किए जाने से यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। शाहंगंज और आस पास के तमाम इलाकों के लोग वाराणसी, इलाहाबाद या जिला मुख्यालय पर आते हैं तो उन्हें वापस घर जाने के लिए पहले से ही चिंता सताने लगती है।
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आजमगढ़, सुल्तानपुर और फैजाबाद जिले की सीमा पर स्थित शाहगंज की जिला मुख्यालय से दूरी 32 किलोमीटर है। व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह तहसील बेहद महत्वपूर्ण है। आज भी यहां की गल्ला मंडी पूर्वांचल की जानी मानी गल्ला मंडियों में गिनी जाती है। व्यवसाय के लिए तमाम व्यापारियों को यहां से वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद आदि महानगरों में आना जाना रहता है। मुकदमें के सिलसिले में भी तमाम लोगों को दीवानी न्यायालय जौनपुर और हाईकोर्ट इलाहाबाद जाना होता है। लोग सुबह घर से निकलते हैं तभी उन्हें रात में घर लौटने की चिंता भी सताने लगती है। जल्दी घर लौटने के चक्कर में लोग अपने कई काम भी छोड़कर समय से घर पहुंचने के लिए निकल जाते हैं। एक समय था कि जब जिला मुख्यालय से शाहगंज जाने वालों के लिए आधी रात को भी परेशानी नहीं होती थी। दिन रात रोडवेज डिपो से बसों की सेवा संचालित थी। लेकिन सड़क खराब होने के चलते बसों में डीजल की खपत बढ़ गई जिससे एक एक कर 10 से अधिक बसों का संचालन ठप कर दिया गया। यहां से शाहगंज ही नहीं अंबेडकरनगर, बसखारी, फैजाबाद जाने के लिए भी लोगों को जरा भी हैरान नहीं होना होता था।
शाहगंज से जौनपुर तक रोज यात्रा करने वाले रामचंद्र पजापति कहते हैं कि जिस कपड़े की दूकान पर वह काम करते हैं वहां पांच बजे छुट्टी मिलती है। भागते हुए डिपो पहुंचते हैं। कभी देर हो गई तो उन्हें किसी निजी साधन से ही जाना पड़ता है। खेतासराय कस्बा निवासी निजामुद्दीन कहते हैं कि उन्हें व्यापार के सिलसिले में अक्सर वाराणसी जाना होता है। कई बार ऐसा हुई है कि वाराणसी से लौटने पर देर हुई तो जौनपुर शहर में ही रात बितानी पड़ी है। शाहगंज कस्बा निवासी हरिश्चंद्र गुप्ता की भी कमोबेश यही पीड़ा है। बस न मिलने की दशा में शाहगंज के लोगों के लिए मुंगलसराय फैजाबाद पसेंजर ट्रेन सहारा थी लेकिन इस ट्रेन को 28 फरवरी तक निरस्त कर दिया गया है। किसी काम से देर होने पर जब यह पसेंजर ट्रेन भी छूट जाती थी तो रात में वाराणसी से बरेली जाने वाली जनता एक्सप्रेस आखिरी सहारा होती थी लेकिन इस ट्रेन को भी 12 फरवरी तक निरस्त कर दिया गया है।
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कोट:
एआरएम जौनपुर डिपो केशरीनंदन चौधरी ने बताया कि जौनपुर से शाहगंज रोड की दशा बेहद खराब है। जिससे बसों में डीजल की खपत अधिक होने के चलते कुछ बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। वैसे शाहगंज डिपो को भी इसके लिए पहल करनी चाहिए लेकिन वहां से कोई पहल नहीं हो रही है। रात में छह बजे के बाद करीब 8:30 बजे एक बस सूरापुर के लिए भेजी जाती है।
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