करंजाकला। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर अमल करने से ही समाज में समरसता आ सकती है। उनके बताए रास्ते पर चलने से समतामूलक समाज की स्थापना हो सकेगी। समाज के दबे कुचले लोगों को उनका हक दिला कर भाईचारा स्थापित की जा सकती है। बाबा साहब के विचार हम सबके लिए अनुकरणीय है। ये बातें डा. स्वतंत्र कुमार ने रविवार को जासेपुर टिंर कालेज के मैदान पर डा. भीमराव अंबेडकर के महा परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन, संकल्प एवं भाईचारा सम्मेलन में कहीं।
इस दौरान मुख्य अतिथी डा. इंदू चौधरी ने कहा कि बहुजन समाज एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जहां एक ओर मनुवादी पार्टियां बसपा को लुभा कर गुमराह करने मेें लगी हैं वहीं दूसरी तरफ हमारे हक और अधिकार छिने जा रहे हैं। मनुवादी संगठित होकर जुल्म और अत्याचार कर रहे हैं लेकिन बहुजन समाज खामोश है। विशिष्ट अतिथि डा. लाल बहादुर सिद्धार्थ ने कहा के हमें जागरूक एवं संगठित होने कि जरूरत है ताकि सामाजिक परिर्वतन हो सके। इसके पूर्व बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। पूविवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव ने कहा कि बाबा साहब के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। इस मौके पर मनराज बैद्ध, चंद्रबली गौतम, साहब लाल, दौलत राम, कैलास राम रमेश गौतम, विनय कुमार, महेंद्र राहुल आदि मौजूद रहे।