जौनपुर। स्थानीय सिटी रेलवे स्टेशन अपेक्षित यात्री सुविधाएं नहीं हैं जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म हैं लेकिन किसी भी प्लेटफार्म पर पेयजल और शौचालय का इंतजाम नहीं हैं। जबकि करीब दस हजार यात्री हर रोज यहां से यात्रा करते हैं और आते हैं। समस्याओं के चलते सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है।
वाराणसी से सिटी स्टेशन होकर लखनऊ रूट पर तकरीबन 24 अप, डाउन ट्रेनें संचालित हो रही हैं। मंत्री, विधायक, सांसद एवं अन्य लोग इसी स्टेशन से ट्रेन पकड़ते एवं उतरते हैं। इसके बाद भी बुनियादी यात्री सुविधाएं नहीं है। न तो एनाउंस सिस्टम बेहतर है और न ही ट्रेनों के लिए डिस्प्ले सिस्टम ही मौजूद है। बुकिंग स्टाफ की कमी की वजह से टिकट के लिए यात्रियों की लंबी लाइन लगी रहती है। इस दौरान ट्रेनों के आ जाने से अधिकतर लोग बिना टिकट ही यात्रा शुरू कर देते हैं। एक साल पूर्व तत्कालीन डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने शौचालय निर्माण कराने के लिए रेलवे से जमीन मांगी थी लेकिन रेलवे जमीन मुहैया नहीं करा सका। इसकी वजह से शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। स्टेशन पर कहने का एक यात्री प्रतीक्षालय है जिसमें बने बाथरूम में ताला बंद रहता है। कर्मचारी ही इसका इस्तेमाल करते हैं। स्टेशन पर साफ सफाई के लिए मार्च 16 में दो साल के लिए चालीस लाख रुपये में टेंडर हुआ था लेकिन यहां कभी कभार ही झाड़ू लगता है।
सिटी स्टेशन पर 16 अगस्त 2014 को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ओवरब्रिज का शिलान्यास के लिए आए थे। उस दौरान यहां आटोमैटिक एनाउंस सिस्टम एवं एलईडी डिस्पले सिस्टम लगाया था। बाद में यहां का एनाउंस सिस्टम और एलईडी डिस्प्ले दूसरे दूसरे स्टेशन पर लगवा दिया।
सांसद केपी सिंह ने सिटी स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी का निर्माण रेलवे बोर्ड से मंजूर कराया था। इसकी रेल बजट में घोषणा भी हुई थी लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। सांसद ने इस तरफ रेल अधिकारियों का ध्यान भी कई बार आकृष्ट किया लेकिन कोई प्रगति नहीं हो सकी।
उधर, चीफ एरिया मैनेजर उत्तर रेलवे वाराणसी रवि चतुर्वेदी ने बताया कि सभी स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। यहां से एनाउंस सिस्टम कौन कहां और क्यों ले गया, इसके बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।