पांच वर्षों से ग्राम निधि के खाते से मुफ्तीगंज ब्लाक के रामपुर गांव के 17 शौचालयों का पैसा निकाल कर कैश बुक में बैलेंस के रूप में रखने पर बुधवार को तीन सचिवों को निलंबित कर दिया गया। पूर्व प्रधान द्वारा शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह ने मामले की जांच डीडीओ दयाराम को सौंपी। डीडीओ ने जांच के दौरान शिकायत सही पाया। सीडीओ के निर्देश पर डीडीओ ने तीनों सचिवों को निलंबित कर दिया।
मुफ्तीगंज ब्लाक के रामपुर गांव में 19 फरवरी 2013 में 17 शौचालय का 37 हजार 400 रुपया ग्राम निधि के खाते में गया था। शौचालय नहीं बनवाकर इस पैसे को ग्राम निधि के खाते से निकाल कर कैश बुक में बैलेंस के रूप में रख दिया गया था, जो अभी तक कैश बुक में बैलेंस के रूप में रखा पड़ा है। जिसकी शिकायत उक्त गांव के पूर्व प्रधान जियालाल यादव ने विगत दिनों मुख्य विकास अधिकारी आलोक सिंह से की। सीडीओ ने इसको गंभीरता से लेते हुए जिला विकास अधिकारी दयाराम को जांच करने का निर्देश दिया। डीडीओ द्वारा सोमवार को उक्त मामले की जांच की गई। इस दौरान शिकायत सही पाई गई। साथ ही इसके लिए तीन सचिव दोषी पाए गए। डीडीओ ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी। जिस पर सीडीओ ने डीडीओ को तीनों सचिवों को निलंबित करने का निर्देश दिया। जिसके क्रम में डीडीओ ने बुधवार को तीनों सचिव ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव व ग्राम विकास अधिकारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया।