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मंत्री, सांसद और विधायकों की नहीं बची साख

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जौनपुर। नगर निकाय चुनाव की परीक्षा में जिले मंत्री, सांसद और विधायक फेल हो गए। कहीं कोई भी अपनी पार्टी को नहीं जीता पाया। सबसे शर्मनाक स्थिति जौनपुर सीट की रही। जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय आए और पूरी ताकत लगाए। बावजूद भाजपा तीसरे पर चली गई। यूं कहा जाय कि भाजपा भितरघात की शिकार हो गई। मंत्री, विधायक और सांसदों ने ही पार्टी की लूटिया डूबो दी। जौनपुर से विधायक गिरीश चन्द्र यादव प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री हैं। यहीं से केपी सिंह भाजपा के सांसद हैं। दोनों लोग जौनपुर की सीट नहीं जीता पाए। शाहगंज से ललई यादव विधायक हैं। वहां सपा प्रत्याशी की करारी हार हुई। बदलापुर से रमेश मिश्र भाजपा के विधायक हैं। भाजपा बदलापुर में तीसरे नम्बर पर रही। मुंगराबादशाहपुर से सुषमा पटेल बसपा की विधायक हैं। वहां बसपा दूसरे पर रही। मछलीशहर से रामचरित्र निषाद भाजपा क सांसद हैैं। भाजपा वहां चौथे नम्बर पर रही। जफराबाद से डा. हरेन्द्र प्रसाद सिंह विधायक हैं। जफराबाद में भाजपा प्रत्याशी को मात्र 547 मत मिले। केराकत में दिनेश चौधरी भाजपा के विधायक हैं वहां भाजपा को 964 वोट से संतोष करना पड़ा। भाजपा तीसरे स्थान पर रही। मड़ियाहूं से भाजपा की सहयोगी दल से डा. लीना तिवारी विधायक हैं यहां भी भाजपा हार गई। चुनाव परिणाम यह बता रहे हैं कि नगर पालिका की असली परीक्षा में सभी मंत्री, विधायक, सांसद फेल हो गए। कोई अपनी साख नहीं बचा पाया। इससे लगता है कि जनप्रतिनिधियों को जनता नकारने लगी है और इनका जनाधार समाप्त हो रहा है। जो भी हो इसमें बड़ा कारण भितरघात है। कोई भी मंत्री, विधायक, सांसद मन से अपने पार्टी के प्रत्याशी को जीताने के लिए लगता है नहीं लगा। जो लगा भी वह अपने गिरते हुए जनाधार की वजह से जीत नहीं दिला सका। जनता ने पूरी से सभी को नकार दिया है और इनका लालीपॉप काम नहीं आया।
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