जौनपुर। तमाम तैयारियों के बाद भी जिला प्रशासन निकाय चुनाव में फर्जी मतदान नहीं रोक पाया। जिले की तीन नगर पालिकाओं और छह नगर पंचायतों के अधिकतर बूथों पर फर्जी मतदान हुआ। फर्जी मतदान के आरोप में जौनपुर, मछलीशहर, शाहगंज, बदलापुर, मड़ियाहूं में 50 से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। मड़ियाहूं में तहसील परिसर बूथ पर भाजपा प्रत्याशी विनोद सेठ ने फर्जी मतदान का आरोप लगाकर हंगामा किया। एसडीएम और सीओ ने यहां पहुंचकर उन्हें शांत कराया। शहर के सैदनपुर में फर्जी मतदान के लिए आधार कार्ड बनाते एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है।
जौनपुर शहर में कई बूथों पर फर्जी मतदान हुआ। उमरपुर, पुरानी सब्जी मंडी बूथ पर फर्जी मतदान की शिकायत पर सभासद के बसपा प्रत्याशी विमल कुमार के समर्थक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बूथ पर कई बार की शिकायत पर जब एसपी सिटी डा. अनिल कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने एक एजेंट को पकड़ कर थाने पर भेजा। उनके ऊपर एक मीडियाकर्मी समेत कुछ लोगों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया। इस दौरान हंगामा भी हुआ। इसकी शिकायत भाजपा के नेताओं ने डीएम और एसपी से की। फर्जी मतदान को लेकर कई बूथों पर तू-तू मैं-मैं हुई। वार्ड संख्या 8 चांदपुर बूथ पर फजी मतदान कराने के आरोप में सोनू नामक युवक को गिरफ्तार किया। मड़ियाहूं: कई बूथों पर भाजपाइयों ने फर्जी मतदान की शिकायत की जिसको लेकर हंगामा हुआ। दोपहर में तहसील परिसर स्थित वार्ड संख्या 10 गड़ही के बूथ संख्या 15 और मिश्राना के बूथ संख्या 24 एवं 25 पर फर्जी मतदान की शिकायत पर अधिकारी पहुंचे। यहां पुलिस ने लाठियां भांजकर एक स्थान पर खड़े कई लोगों को खदेड़ा। महतवाना मोहल्ले में दो पक्षों में मारपीट हुई। एसडीएम जगदंबा सिंह ने बताया कि जहां फर्जी मतदान की शिकायत मिली वहां स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई।
मछलीशहर: नगर पंचायत कार्यालय में बने मतदान केंद्र पर मतदान करने आए सादीगंज मोहल्ला निवासी नौसाद ने बूथ संख्या 10 पर तैनात मतदान कर्मी पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारियों ने मामला शांत कराया। इसके चलते तीस मिनट तक मतदान बाधित रहा। बिहारी महिला महाविद्यालय, फौजदार इंटर कॉलेज, नगर पंचायत कार्यालय मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान का आरोप लगाया गया जिसके चलते इन बूथो पर कुछ समय के लिए मतदान भी प्रभावित होता रहा। फर्जी मतदान की सूचना पर एसडीएम, क्षेत्राधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी बार बार बूथों पर पहुंचते रहे। कई स्थानों पर एजेंटों ने फर्जी वोटर कार्ड व आधार कार्ड बनवाकर फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। फर्जी आईडी बनवाने की शिकायत पर उपजिलाधिकारी तहसील के एक कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर घूमते रहे। फर्जी मतदान की शिकायत पर पुलिस ने दस लोगों को हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।