जौनपुर। जेसीज चौराहे के निकट आजमगढ़ मार्ग के दोनों तरफ अस्पताल और बस्ती के पास शहर का कूड़ा फेंकने तथा जलाने से लोगों के स्वास्थ्य को खतरा का हवाला देते हुए एक अधिवक्ता की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस हाईकोर्ट दिलीप बी. भोसले ने नगर पालिका से एक सप्ताह के भीतर कथित स्थान की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया है।
दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने अधिवक्ता एसपी प्रसाद के माध्यम से 16 नवंबर को उत्तर प्रदेश सचिव (स्थानीय निकाय), जिलाधिकारी, अध्यक्ष नगर पालिका के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर किया था। इसकी सुनवाई बीते बुधवार को हुई। याचिका में कहा गया है कि कई महीनों से नगर पालिका की ओर से जिले का कूड़ा जेसीज चौराहे के निकट सड़क के दोनों तरफ अस्पताल तथा बस्ती के निकट फेंका जा रहा है। कूड़ा जलाया भी जाता है। लगातार धुआं से वातावरण प्रदूषित होता है जिससे आसपास के लोगों व राहगीरों के स्वास्थ्य व जीवन को खतरा बना हुआ है। मरीजों की हालत बिगड़ती जा रही है। जिलाधिकारी और नगरपालिका अध्यक्ष को कई बार दरखास्त दी गई लेकिन स्थिति जस की तस है। अमर उजाला में 18 नवंबर के संस्करण में कूड़ा जलने की खबर और फोटो प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट में खबर की कटिंग और फोटोग्राफ्स दाखिल किए थे। नगर पालिका के अधिवक्ता आयुष खन्ना का कहना था कि अब कोई कूड़ा नहीं फेंका जा रहा है। याचिका पर चीफ जस्टिस ने नगर पालिका को आदेश दिया कि वहां की वर्तमान स्थिति से एक सप्ताह के भीतर अवगत कराएं।