जौनपुर। नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत चुनाव में परिवहन, बिजली, शिक्षा, कृषि विभाग के कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी पत्नियां चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा कुछ राज्य कर्मचारियों के रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक चुनाव में लड़ रहे हैं। ऐसे में राज्य कर्मचारी दिन में ड्यूटी कर रहे हैं और रात में अपनी पत्नियों, मित्रों, रिश्तेदारों के लिए प्रचार प्रसार कर रहे हैं। यहां तक कि चुनाव कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं को निर्देश भी दे रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय के कुछ अध्यापकों ने तो छुट्टी ले रखी है। जहां कुछ विभागों के कर्मचारी चोरी छिपे तो कुछ खुलकर प्रचार कर रहे हैं। इस तरह की शिकायत मिलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र ने ऐसे कर्मचारियों की निगरानी के लिए गोपनीय टीम लगाई है। उन्होंने बताया कि टीम की रिपोर्ट मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तीन नगर पालिका जौनपुर, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर और छह नगर पंचायतों बदलापुर, शाहगंज, खेतासराय, जफराबाद, मड़ियाहूं, केराकत, मछलीशहर में चेयरमैन और सभासद पदों पर चुनाव हो रहा है। चेयरमैन पद के लिए 87 प्रत्याशी और सभासद के लिए 1041 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसमें शायद ही कोई ऐसा प्रत्याशी होगा जिसका कोई न कोई परिवार, रिश्तेदार, मित्र, शुुुभचिंतक चुनाव प्रचार में न लगा हो। इनमें कई ऐसे राज्य कर्मचारी भी हैं जिनकी पत्नी, मित्र, रिश्तेदार चुनाव लड़ रहे हैं जिनके प्रचार में कोई परोक्ष तो कोई प्रत्यक्ष रूप से लगा हुआ है। ऐसे कर्मचारियों को चुनाव आचार संहिता का भी भय नहीं है। वैसे तो पहले से ही कुछ प्राथमिक विद्यालय के अध्यापक जनप्रतिनिधियों के आगे-पीछे घूमते रहे हैं। इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गई है लेकिन ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ अभी तक कार्रवाई नहीं की गई और न ही नोटिस ही दिया गया। नगर निकाय चुनाव में जिन कर्मचारियों की पत्नियां भाग्य आजमा रही हैं वे अपनी पत्नियों के प्रचार में लगे हुए हैं। वे घर-घर घूूमकर वह अपनी पत्नियों के लिए वोट भी मांग रहे हैं और जनसंपर्क में सबसे आगे बढ़ चढ़कर दिखाई दे रहे हैं। सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं की शिकायत के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र ने सख्ती बरतते हुए निगरानी के लिए टीम लगा दी है।
जिलाधिकारी कोई भी अधिकारी, कर्मचारी प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। अगर ऐसा करते कोई पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उसके खिलाफ निर्वाचन आयोग को लिखा जाएगा।