जौनपुर। सरकार की ओर से एक ओर जहां स्वच्छता को लेकर नित नई कवायदें की जा रही हैं वहीं शहर क्षेत्र का गंदा पानी आज भी गोमती नदी में गिर रहा है। इससे गोमती के पानी में लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है लेकिन गोमती में गंदा पानी बहने से रोकने की दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शहर के 31 नालों का गंदा पानी गोमती नदी में बह रहा है। इसमें हनुमानघाट, मियांपुर, ताड़तला, सिपाह व सद्भावना आदि स्थानों पर स्थित नालों का गंदा पानी गोमती नदी में बह रहा है। इन नालों से रोज लगभग लाखों लीटर गंदा पानी गोमती में बह रहा है। इससे गोमती के पानी में प्रदूषण का स्तर रोज बढ़ रहा है। हालत यह है कि अब गोमती नदी का पानी उपयोग लायक तक नहीं रह गया है। हालांकि प्रशासन की ओर से जलनिकासी या वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई। गोमती को प्रदूषण से बचाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। गोमती नदी लोगों की आस्था का केंद्र है। तमाम धार्मिक प्रयोजनो पर लोग नदी में स्नान के बाद पूजा पाठ करते हैं। स्वच्छ गोमती अभियान अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि कई शिकायतों के बाद भी नगर पालिका रोक नहीं लगा पा रहा है। नालों का पानी गोमती में गिरने के कारण नदी का पानी लगातार प्रदूषित होता जा रहा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र ने बताया कि गोमती में शहर का गंदा पानी नहीं बहाया जाए। इसके लिए निकाय चुनाव के बाद नगर पालिका की ओर से एसटीपी का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। इस विषय पर पहले विचार किया जा चुका है।